
सरायकेला : कोरोना के तीसरे लहर और ओमिक्रोन वैरिएंट का खतरा सिर पर मंडरा रहा है. राज्य का स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन हाई अलर्ट पर है. ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने की खास जरूरत है. देशभर में कोरोना के मामले हर दिन डबल हो रहे हैं. सबसे बड़ी बात कोरोना की तीसरी लहर शुरू होने के बाद भी लोग गंभीर नहीं है. शारीरिक दूरी लोग भूल चुके हैं प्रशासन और कोरोना का कोई खौफ उनके अंदर नजर नहीं आ रहा है. इतना जिले के सभी प्रमुख हाट और बाजारों की आपाधापी में महिलाएं और बच्चे तक शामिल हो रहे हैं. अब सोचिए अगर भीड़ में कोई कोरोना संक्रमित शामिल हुआ तो कोरोना संक्रमण कहां तक ट्रांसफर हो सकता है. जिला प्रशासन और राज्य सरकार के लगातार प्रयास और अपील के बाद भी आम जनों में जन जागरूकता सिफर नजर आ रहा है. इसका ताजा उदाहरण शुक्रवार को सरायकेला में लगे साप्ताहिक हाट में देखा गया. जहां बिना मास्क के दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों से भी पहुंचे. खरीददार शारीरिक दूरी की धज्जियां उड़ाते हुए देखे गए. (नीचे भी पढ़ें)

वही सरायकेला के स्थानीय दुकानदार सहित ग्रामीण क्षेत्रों और सीमावर्ती जिला जमशेदपुर, चाईबासा और कांड्रा एवं अन्य क्षेत्रों से भी पहुंचे. दुकानदार बिना किसी कोरोना सुरक्षा के धड़ल्ले से अपने सामानों की बिक्री करते देखे गए. इतना ही नहीं लोग एक दूसरे से बेफिक्री के साथ इस कदर मिलते रहे कि जिले में कोरोना के तीसरे लहर की कोई सुगबुगाहट ही नहीं नजर आ रही है. बताते चलें कि क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के आंकड़े और सरकार की गाइडलाइन इस तरह के जनहित, परिवार हित और समाज हित में भीड़ की इजाजत नहीं दे रहे हैं. वही सप्ताहिक हाट में उमड़े भीड़ को देखते हुए क्षेत्र के जानकार कयास भी लगाते हुए देखे गए कि कहीं ऐसी लापरवाही क्षेत्र और जिले में कोरोना संक्रमण की सुनामी ना ला दे. बहरहाल पूरे मामले में ऐसे गतिविधि को नियंत्रित करने वाले भी नजर नहीं आए. और ना ही लोग कोरोना के भय से जागरूक होकर खुद को सुरक्षित करते हुए देखे गए. यही हाल जिले के आदित्यपुर, गम्हरिया, राजनगर, खरसावां और कांड्रा के दैनिक हाट- बाजारों का रहा.













