
रांची : वर्ष 2021 बीत जाने के बाद भी अब तक झारखंड में पंचायत चुनाव नहीं हो सका है. इसे लेकर राज्य की हेमंत सरकार भले ही यह कह रही है कि झारखंड के कोरोना मुक्त होते ही राज्य में पंचायत चुनाव करा दिया जायेगा, लेकिन इस मसले को लेकर विपक्ष राज्य सरकार के प्रति हमलावर है. इस बीच खबर मिल रही है कि राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव करवाने के लिए प्रस्ताव तैयार कर उसे राज्य सरकार के पास भेज भी दिया है. जानकारी के अनुसार राज्य निर्वाचन आयोग ने मार्च, अप्रैल और मई में तिथियों का निर्धारण कर चुनाव कराने का प्रस्ताव दिया है. साथ ही सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए राज्य सरकार को ओबीसी आरक्षण पर निर्णय कर चुनाव की तिथियां निर्धारित करने का प्रस्ताव दिया है. राज्य सरकार चुनाव की तिथि तय कर आयोग को बताएगी. उसके बाद राज्यपाल से अनुमति ली जायेगी. उसके बाद आयोग चुनाव की अधिसूचना जारी करेगा. (नीचे भी पढ़ें)
ओबीसी आरक्षण पर क्या है सुप्रीम कोर्ट का आदेश
सुप्रीम कोर्ट आदेश के मुताबिक पंचायत चुनाव में ट्रिपल टेस्ट के आधार पर ओबीसी आरक्षण का प्रावधान लागू किया जाना है. ट्रिपल टेस्ट नहीं करने पर ओबीसी को आरक्षण दिये बिना केवल एसटी, एससी आरक्षण पर ही पंचायत चुनाव कराना होगा. हालांकि, किसी भी परिस्थिति में कुल आरक्षण का 50 प्रतिशत से ज्यादा नहीं दिया जायेगा. ट्रिपल टेस्ट के तहत कमीशन का गठन कर ओबीसी का डेटा इकट्ठा कर उसी आधार पर चुनाव में ओबीसी आरक्षण दिया जाना है. अब इस बात का निर्णय राज्य सरकार को करना है कि राज्य में ट्रिपल टेस्ट के आधार पर ओबीसी आरक्षण का प्रावधान लागू करना है या केवल एसटी, एससी आरक्षण लागू कर पंचायत चुनाव कराना है. ओबीसी आरक्षण को लेकर मंथन किया जा रहा है.






