
जमशेदपुर : जमशेदपुर के मानगो के आशियाना अनंतरा निवासी भाजपा नेता विकास सिंह के घर की घेराबंदी कर छापामारी की. पुलिस ने मिलकर घर का बेल दबाया. दरवाजा पर लातों से मारा. इसके बाद ज़ब उनकी पत्नी ने दरवाजा नहीं खोला तब हंगामा करते हुए पुलिस चली गई. बीती रात 12:40 में विकास सिंह के आवास में भारी-भरकम पुलिस फोर्स के साथ छापामार विकास सिंह को पकड़ने का प्रयास किया गया. छापामारी अभियान में शामिल पुलिस के अफसर और जवान लगभग एक घंटे तक कॉल बेल बजाया, जिसे कॉल बेल पूरी तरह जल गया घर कि बिजली चली गई. मौके पर मौजूद विकास सिंह की पत्नी पूनम सिंह आग की चिंगारी देखकर डर गई. अगर मेन स्विच नहीं गिराती तो बड़ा हादसा घट सकता था. पुलिस के जवान और अफसर यहाँ तक नहीं रुके बल्कि दरवाजे में जबरन लात और कंधे से प्रहार करने लगे, जिसे दरवाजा का स्लाइडिंग भी टूटकर तहस नहस हो गया. छापेमारी के तरीका से विकास सिंह की पत्नी और उनके बच्चे भयभीत और घबराए हुए हैं. पत्नी ने बताया कि ऐसी छापेमारी आतंकवादी को पकड़ने के लिए टीवी में देखा था मुझे समझ में नहीं आ रहा है कि मेरे पति विकास सिंह ने क्या गुनाह कर दिया है कि पुलिस को रात को घर में आकर गाली-गलौज के साथ-साथ भद्दी भद्दी बातें कर गोली मारने की बातें कर रहे थे. विकास सिंह की पत्नी ने बताया कि छापेमारी दल में अगर महिला कांस्टेबल या अफसर रहती तो वह दरवाजा निश्चित रूप से खोल देती और पूरे घर की तहकीकात करवा देती. विकास सिंह की पत्नी ने कहा कि उनके पति विकास सिंह रात को घर जरूर आए थे लेकिन पुनः 11:30 बजे किसी करीबी का फोन आया और उसने तबीयत खराब का हवाला दिया तो विकास सिंह घर से अस्पताल जाने की बात कर निकल गए थे. (नीचे भी पढ़े और देखें वीडियो)
पुलिस की बर्बरता सीसीटीवी कैमरे में है, जिसे देखा जा सकता है. विकास सिंह की पत्नी ने कहा विगत दिनों मेरे सामने ही विकास सिंह ने मानगो थाना के अफसर इंचार्ज को फोन कर एनएच -33 में आग लगने की घटना की जानकारी दी थी. इसके साथ ही विकास सिंह दिन भर सड़क पर ही रहकर समाज़सेवा का कार्य करते हैं, उनका मोबाइल हमेशा खुला रहता है. पूरे दिन में सैकड़ों फोन आते हैं. पुलिस उन्हें दिन में भी चाहती तो सड़क से गिरफ्तार कर सकती थी या फिर मोबाइल में फोन कर बुला सकती थी लेकिन ऐसी क्रूरतापूर्वक छापामारी समझ से परे है. विकास सिंह की पत्नी ने कहा कॉल बेल में शॉर्ट सर्किट होने के कारण घर का लाइन कट गया, जिससे उनके घर में मौजूद चार माह का नवजात शिशु का रूम हीटर बंद हो गया, जिसे उसकी तबीयत खराब हो गई. घर में छोटे-छोटे बच्चों के साथ वह भय के साए में पूरी रात काटी. विकास सिंह की पत्नी ने जानना चाहा कि उसके पति ने क्या गुनाह किया है. आए दिन शहर में रोज हत्या ,छीनताई, अवैध कारोबार फल-फूल रहा है पुलिस कानून का काम नहीं कर रहा है बल्कि सूबे के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के इशारे में कार्य कर रही है. विकास सिंह के साथ लगभग 50 लोगों के ऊपर 2015 में मानगों दंगा के विरुद्ध चार मुकदमा एक ही समय एक ही थाना में दर्ज किए गए थे, जिसमें 3 मुकदमे में विकास सिंह ने जमानत ले रखी है. एक मामला में स्टे लगा था लेकिन कुछ दिन पूर्व स्टे हटा दिया गया. मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन है. इसके साथ ही अन्य कई आरोपियों का जमानत निचली अदालत से सभी केसो में मिल गया है. बेवजह जिला प्रशासन विकास सिंह को मंत्री बन्ना गुप्ता के इशारे में परेशान कर रही है. एक और जहां विकास सिंह प्रत्येक दिन समाज सेवा में लगे रहते हैं और उनकी गतिविधि अखबार के साथ-साथ सोशल मीडिया में दिखती है. उसके बावजूद पुलिस उन्हें सड़क पर गिरफ्तार नहीं करती है. (नीचे भी पढ़े)
घर में आकर आतंकवादी की तरह छापामारी करती है. विकास सिंह की पत्नी ने कहा कि संवैधानिक पद पर बैठे हुए मंत्री को पोस्को और हत्या जैसे जघन्य अपराध में लिप्त अपराधियो में कार्रवाई करवानी चाहिए, जिसमें उनके भाई खुद आरोपी है. लेकिन मंत्री नगर निगम चुनाव में अपनी पत्नी को चुनाव जिताने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे हैं, जो भी उनके विरुद्ध आवाज उठा रहा है, उन्हें अपने पावर का दुरुपयोग कर जिला प्रशासन के द्वारा उनकी आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है. विकास सिंह की पत्नी पूनम सिंह ने कहा कि चार माह का नवजात शिशु गोद में है जिसके तबीयत खराब हो गई है इसलिए व्हाट्सएप और टि्वटर के माध्यम से राज्य के मुख्यमंत्री, डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस, राज्य महिला आयोग, अंतरराष्ट्रीय महिला आयोग एवं जिले के एसएसपी को मामले की जानकारी दूंगी तथा मौके में आए अफसरों के ऊपर न्यायालय में मुकदमा दर्ज करवाऊंगी.




