देवघर: मुख्यमंत्री शुक्रवार को गोड्डा में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के बाद सड़क के रास्ते रात करीब 10:30 बजे देवघर पहुंचे. देवघर मे सीएम ने एक समीक्षा बैठक की, जिसमें, गोड्डा और देवघर जिले मे सरकार की तरफ से चलाई जा रही तमाम योजनाओं के प्रगति की समीक्षा की. बैठक के दौरान रांची से आए मुख्य सचिव और दोनों जिलों के तमाम अधिकारियों के अलावा कृषि एवं पशुपालन मंत्री बादल पत्रलेख, कला संस्कृति युवा एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हफीजूल हसन, महागामा विधायक दीपिका पांडेय, राजमहल के सांसद विजय हांसदा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष शशांक शेखर भोक्ता, पूर्व मंत्री सुरेश पासवान और महागठबंधन दलों के जिलाध्यक्ष के अलावा महागठबंधन के तमाम विधायक और नेता मौज़ूद रहे. इससे पहले सीएम ने देवघर परिसदन मे आम जनता से भी मुलाक़ात कर उनकी समस्याओं को सुना और समाधान का भरोसा भी दिलाया. (नीचे भी पढ़े)
समीक्षा बैठक खत्म करने के बाद सीएम सीधा आर मित्रा स्कूल मे आयोजित जनसभा को सम्बोधित करने पहुंचे. जहां मंच पर महागठबंधन के तमाम नेता मौज़ूद थे. मंच से पौड़ेयाहाट विधायक प्रदीप यादव और जामताड़ा विधायक इरफ़ान अंसारी ने गोड्डा सांसद और भाजपा पर जमकर हमला बोला. प्रदीप यादव ने गोड्डा सांसद को बाहरी करार दिया.(नीचे भी पढ़े)
सीएम केंद्र सरकार पर बरसे: सीएम ने 1932 के खतियान को लेकर जनता के बीच भ्रम पैदा करने का आरोप लगाते हुए इस लड़ाई के लिए आगे भी तैयार रहने को कहा. इतना ही नहीं खुद जे खिलाफ चल रहे जांच को लेकर भी सीएम ने केंद्र सरकार पर अपनी भड़ास निकली. मुख्यमंत्री ने कहा कि ज़ब ज़ब अपने हक की बात की उनके पीछे एजेंसिया लगा दी गई. (नीचे भी पढ़े)
मुख्यमंत्री इतने पर ही नहीं रुके. उन्होंने कहा है की, राज्य मे चंद लोगों के गिरोह ने राजनीतिक अस्थिरता का माहौल पैदा कर राज्य में निवेश करने का मन बना चुके उद्योगपतियों के बीच भय पैदा कर रहे है जिसका सीधा नुकसान राज्य और राज्य की जनता को उठाना पड़ रहा है. सीएम ने बगैर नाम लिए गोड्डा सांसद को भी आड़े हाथ लेते हुए सावधान रहने की नसीहत दे डाली. विदित हो कि निशिकांत दुबे ने एक ट्वीट के जरिए झारखंड के ठगों से बचने की बात कही थी.




