
सरायकेला : सरायकेला-खरसावां जिले के चर्चित ललिता महतो-बी राम कृष्ण शर्मा प्रकरण सुलझने के बजाए उलझता ही जा रहा है. मामला कोर्ट में लंबित है जो तारीखों के उलझन में फंसी हुई है. गवाही होने वाली है. मगर तारीख पर तारीख की वजह से केस अब पेचीदा बनता जा रहा है. इस प्रकरण में ईचागढ़ के दिवंगत विधायक साधु चरण महतो के दामाद सुमित महतो ने एंट्री मार दी है, जिससे केस प्रभावित हो सकता है, गवाह डरे हुए हैं. पिछले तीन तारीखों में गवाही नहीं होने और ललिता महतो की पेशी के दौरान सुमित महतो का साथ होना यहां तक कि कोर्ट रूम में भी साथ प्रवेश करना केस को कहीं न कहीं प्रभावित करने की मंशा प्रदर्शित करती है. सुमित महतो इस प्रकरण को कुड़मी समाज से जोड़कर मामले को पेचीदा बनाकर उलझाने का खेल खेलने की फिराक में है. जबकि समाज के बुद्धिजीवियों ने इस मामले में बाहरी लोगों की दिलचस्पी को निजी बताते हुए किनारा कर लिया है. समाज के लोग सुमित महतो के इस प्रकरण में कूदने को दूसरी निगाह से भी देख रहे हैं. समाज के लोग इसके लिए ललिता महतो उसके पिता देवेन्द्र नाथ महतो और बहनोई राजेश महतो को जिम्मेदार मान रहे हैं. लोग यह कहते सुने गए कि आखिर कोर्ट में तारीख पर ललिता गैर मर्द के साथ किस हैसियत से जाती है, उसके पिता, भाई, बहनोई या अन्य रिश्तेदार क्यों नहीं आते. लोग तो यहां तक कहते सुने जा रहे हैं कि सुमित महतो की वजह से ही ललिता महतो का उसके पति के साथ विवाद हुआ और नौबत कोर्ट तक पहुंच गया है. (नीचे भी पढ़ें)
क्या है पूरा मामला जानें एक नजर में – सरायकेला- खरसावां जिला के चांडिल थाना अंतर्गत घोड़ानेगी गांव की रहने वाली ललिता महतो एवं टायो कॉलोनी गम्हरिया निवासी बी रामाकृष्ण शर्मा गम्हरिया के अग्रवाल क्लॉथ स्टोर में सेल्समैन का काम करते थे. वहीं पर दोनों के बीच दोस्ती हुई. धीरे- धीरे दोस्ती प्यार में बदल गया. फिर दोनों ने राम मंदिर बिस्टुपुर में शादी कर ली. शादी के बाद बी रामाकृष्ण शर्मा की रेलवे में नौकरी हो गई उसके बाद रामकृष्ण शर्मा ललिता महतो को लेकर विशाखापट्टनम चला गया. इस बीच दोनों को एक पुत्र हुआ. विशाखापत्तनम में रहते ललिता फिर से गर्भवती हुई. इसी दौरान रिश्तेदार के मौत की खबर पर डेढ़ वर्षीय पुत्र के साथ ललिता अपने मायके आई. तब से वापस नहीं लौटी. इसको लेकर रामाकृष्ण शर्मा ने 2020 में कोर्ट में अपने ससुर देवेंद्र नाथ महतो, साढू राजेश महतो, साली अम्बावती महतो व अन्य के खिलाफ परिवार न्यायालय में अपनी पत्नी और बच्चे के अपहरण करने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया. उधर पिछले साल ललिता महतो ने प्रेस कांफ्रेंस कर रामाकृष्ण शर्मा के साथ किसी भी रिश्ते से इनकार किया था. ललिता ने यह भी कहा था उसे कोई बेटा नहीं है ना ही वह कभी गर्भ से थी. उल्टा उसने बी रामाकृष्ण शर्मा पर दुकान में काम के दौरान दुष्कर्म करने का प्रयास करने का आरोप लगाया था. इस प्रकरण के 2 साल से भी अधिक हो चुके हैं. अब तक यह फैसला नहीं हो सका है, कि सच कौन है. (नीचे भी पढ़ें)
क्या कहा रामा कृष्णा शर्मा- बी रामा कृष्ण शर्मा का दावा है कि वह कोर्ट में साबित कर देगा कि ललिता के साथ उसके क्या संबंध थे. जबतक गवाही चल रही है उसे और उसके गवाह को सुरक्षा मिले ताकि उसे न्याय मिल सके. उन्होंने कुड़मी समाज के लोगों से पारिवारिक मामले में कोर्ट का फैसला आने तक संयम बरतने की अपील की है. उन्होंने कहा सारे सबूत उनके पास मौजूद हैं उन्हें समाज के नाम पर कुछ लोग डराना चाहते हैं. सुमित महतो के मामले में दिलचस्पी से साफ साबित हो गया है कि वह मेरे पारिवारिक रिश्ते में खटास लाकर मेरी पत्नी को गुमराह कर रहा है. उन्होंने कहा कोर्ट से उसे अपनी पत्नी के साथ संवाद करने की अनुमति मिली है, ताकि उसे मना सकें मगर सुमित की वजह से ललिता उससे बात नहीं करती न ही उसके फोन का कोई जवाब देती है उल्टे सुमित महतो अपने फेसबुक वॉल पर अनाप शनाप पोस्ट डालकर लोगों को दिग्भ्रमित कर रहा है साथ ही उसे भी धमकी दे रहा है. (नीचे भी पढ़ें)
क्या कहता है कानून- इस मामले में विधि विशेषज्ञ बताते हैं कि जब मामला कोर्ट में लंबित है तो किसी बाहरी लोगों को पारिवारिक मामले में दखलंदाजी नहीं करनी चाहिए. कोर्ट के भीतर दोनों पक्ष के वकील गवाह और केस से जुड़े लोगों को ही प्रवेश मिले ताकि गवाह और शिकायतकर्ता खुलकर अपने साक्ष्य पेश कर सकें. यदि बाहरी व्यक्ति पारिवारिक मामले में हस्तक्षेप करता है तो वह दोषी करार दिया जा सकता है. न्यायालय को ऐसे मामले पर संज्ञान लेना चाहिए. (नीचे भी पढ़ें)
क्या कहते हैं रामा कृष्ण शर्मा के वकील- मामले में भी रामा कृष्णा शर्मा की पैरवी कर रहे सरायकेला कोर्ट के अधिवक्ता छत्रपति महतो ने बताया कि केस में गवाही चल रही है. किन्ही कारणों से गवाही नहीं हो सकी है. ऐसे में उनके क्लाइंट और गवाह को सुरक्षा जरूरी है. कोर्ट के भीतर केस जुड़े लोगों के प्रवेश की अनुमति मिले इसको लेकर एक वाद दायर किया जाएगा. सुमित महतो का इस केस से कोई लेना देना नहीं है. सरायकेला थाना में भी उनके क्लाइंट ने सुमित महतो के खिलाफ मामला दर्ज कराया है, फिर भी वह यदि कोर्ट में प्रवेश करता है तो गैर कानूनी है इस पर पुलिस को संज्ञान लेने जरूरत है. या सुमित महतो लिखकर दे कि ललिता महतो के साथ उसके क्या संबंध है. सुमित महतो समाज के नाम पर पूरे प्रकरण को उलझाना चाहते हैं, मगर उन्हें यह समझना चाहिए कि कोर्ट गवाहों और सबूतों पर चलते हैं भावनाओ से नहीं. वे बेवजह समाज को बदनाम कर रहे हैं और केस को प्रभावित करने का काम कर रहे हैं.



