गिरिडीह : झारखंड के खतीयानी जोहार यात्रा के दूसरे चरण के तहत गुरुवार को गिरिडीह के नगर भवन में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में गिरिडीह एवं कोडरमा जिले में क्रियान्वित विकास योजनाओं की प्रगति को लेकर समीक्षात्मक बैठक का आयोजन किया गया. बैठक में मुख्यमंत्री के द्वारा बारी-बारी से जिलावार विभिन्न विभागों की समीक्षा की गई तथा संबंधित अधिकारियों को योजनाओं की प्रगति तथा ग्रामीणों को योजनाओं से लाभान्वित करने के आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया. इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने कई महत्वकांक्षी योजनाएं शुरू की है. ये योजनाएं धरातल पर उतरे, यही सर्वोच्च प्राथमिकता है. (नीचे भी पढ़ें)

वंचित लोगों को कल्याणकारी योजनाओं से जोड़कर उसका लाभ सुनिश्चित करें- मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि राज्य के लोगों के विकास के लिए राज्य सरकार के द्वारा कई कल्याणकारी योजनाओं का संचालन किया जा रहा है ताकि लोगों को योजनाओं के माध्यम से जोड़कर उन्हें लाभान्वित किया जा सके. उन्होंने कहा कि अधिकारियों को सभी योजनाओं में गंभीरता दिखाते हुए ग्रामीणों को योजनाओं से लाभान्वित करने का उचित प्रयास किया जाना चाहिए ताकि कोई भी लाभुक योजनाओं के लाभ से वंचित ना रहे. राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है कि राज्य के लोगों को हरेक योजनाओं का लाभ मिले, जिसके लिए राज्य सरकार तथा जिला प्रशासन पूरी कुशलतापूर्वक अपने दायित्वों का निर्वहन करें. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की योजनाओं का मकसद ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ ग्रामीणों को अपने पैरों पर खड़ा करना है, ताकि उनके जीवन स्तर में अपेक्षित सुधार हो सके. आपको जो कार्य आवंटित हैं उसे पूरी जिम्मेवारी के साथ पूरा करें. योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. इसके अलावा मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय ग्रामीणों को जिला स्तर पर ही स्वरोजगार से जोड़ने के लिए स्थानीय बैंकों की भूमिका महत्वपूर्ण है. सभी अधिकारी एवं सभी विभाग आपसी समन्वय स्थापित करते हुए यह प्रयास करें कि स्थानीय ग्रामीणों को पलायन न करना पड़े और उनको जिला में ही रोजगार उपलब्ध कराया जाए. (नीचे भी पढ़ें)

इन योजनाओं की हुई समीक्षा- इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सावित्री बाई फुले किशोरी समृद्धि योजना, सर्वजन पेंशन योजना, प्री मैट्रिक छात्रवृत्ति, मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना, मुख्यमंत्री सुखाड़ राहत योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना, मनरेगा अन्तर्गत मानव दिवस सृजन, राजस्व न्यायालय, आपकी योजना आपकी सरकार आपके द्वार, जिले में चल रही विभिन्न परियोजनाओं एवं जिलों के विधि-व्यवस्था की समीक्षा की. (नीचे भी पढ़ें)

कृषि और पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत प्रदान करती है इसलिए सभी अधिकारियों को कुशलतापूर्वक कार्य करने की आवश्यकता है:- मुख्य सचिव
बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि अभी अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि कोई भी दिव्यांग व्यक्ति बिना पेंशन के न रहें, सभी युग लाभुकों को सर्वजन पेंशन योजना से लाभान्वित करें. इसके अलावा उन्होंने कहा कि राज्य की बड़ी आबादी गांवों में रहती है. कृषि और पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगी. इसी मकसद से सरकार ने कृषि और पशुपालन से जुड़ी कई योजनाएं चला रही हैं. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के आवेदनों को गंभीरता से लें और लोगों को इसका लाभ दिलाने में सहयोग करें. इसके अलावा सावित्री बाई फुले किशोरी समृद्धि योजना, मुख्यमंत्री पशुधन योजना, मुख्यमंत्री सुखाड़ राहत योजना के लाभुकों को लाभान्वित करने का उचित प्रयास करें. (नीचे भी पढ़ें)
समीक्षा बैठक में श्रम नियोजन एवं कौशल विकास विभाग के मंत्री सत्यानन्द भोक्ता, गिरिडीह विधायक सुदीव्य कुमार सोनू, गांडेय, सरफराज अहमद, बगोदर, विनोद सिंह, उमाशंकर अकेला, मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, डीजीपी नीरज सिन्हा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, सचिव विनय चौबे, सचिव अबू बकर सिद्दीकी, सचिव अमिताभ कौशल, सचिव कृपानंद झा, सचिव के श्रीनिवासन, सचिव, ग्रामीण विकास विभाग, प्रशांत कुमार, उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा, कोडरमा उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, गिरिडीह / कोडरमा एवं गिरिडीह व कोडरमा जिला के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे.



