पलामू : कुख्यात एवं 25 लाख रुपये के इनामी माओवादी नवीन यादव ने बुधवार को पलामू पुलिस के समक्ष समर्पण कर दिया. नवीन यादव बूढ़ा पहाड़ व छकरबंध के क्षेत्रों में सक्रिय था एवं उस क्षेत्र में उसका दहशत कायम हो रहा था. (नीचे भी पढ़ें)
बताते चलें कि झारखंड पुलिस एवं सीआरपीएफ की संयुक्त टीम विगत तीन महीनों से से बूढ़ा पहाड़ क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान चला रही है, जिसमें उन्हें सफलता भी मिल रही है. लेकिन बताया जाता है कि नवीन यादव पुलिस के ऑपरेशन से बचने के लिए विगत कुछ समय से क्षेत्र से पलायन कर गया था. उधर पुलिस एवं सीआरपीफ की टीम उसके खिलाफ लगातार अभियान चला रही थी. बताया जा रहा है कि इसी से डर कर नवीन यादव ने आत्मसमर्पण का निर्णय लिया और 25 जनवरी को उसने पुलिस बल के समक्ष समर्पण कर भी दिया. समर्पण के बाद पुलिस अधिकारी उससे पूछताछ कर रहे हैं. बताते हैं कि नवीन पुलिस की लगातार बढ़ती दबिश के कारण बूढ़ा पहाड़ का इलाका छोड़ कर पलामू-चतरा के सीमावर्ती इलाकों को अपना ठिकाना बनाया था. हालांकि, दो दिन पहले कुंदा में पुलिस के साथ हुए पुलिस मुठभेड़ में वह बच कर भाग निकला था. बताया जाता है कि नवीन यादव चतरा जिलांतर्गत प्रतापपुर क्षेत्र का निवासी है एवं उस पर झारखंड एवं बिहार को मिला कर सौ से अधिक मामले दर्ज है. (नीचे भी पढ़ें)
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जून 2016 में बिहार के गया-औरंगाबाद सीमा पर हुए बड़े नक्सल हमले, जिसमें कोबरा के 10 जवान शहीद हो गए थे, का नेतृत्व नवीन यादव ने ही किया था. इसके अलावा वर्ष 2011 में पूर्व सांसद इंदर सिंह नामधारी के काफिले पर हुए हमले में भी नवीन का हाथ था. इस हमले में 11 जवान शहीद हो गये थे.



