रामगोपाल जेना/चाईबासा : शुक्रवार को कांग्रेस भवन , चाईबासा में स्व. बागुन सुम्बरुई की जयंती मानते हुए उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि कांग्रेसजनों द्वारा व्यक्त किया गया. स्व. सुम्बरुई कोल्हान प्रमंडल के वयोवृद्ध नेता रहे है. उन्होंने राजनीति का शुभारंभ छोटानागपुर और संथालपरगना को बिहार से अलग झारखण्ड राज्य बनाने संबंधी जन आंदोलन से प्रारंभ किया. तदोपरांत वर्ष 1967 से प्रथम बार बिहार विधानसभा का सदस्य निर्वाचित होने के उपरांत लगातार वर्ष 2009 तक निर्वाचित सदस्य रहे है. वे पांच बार लोकसभा और चार बार बिहार विधानसभा तथा झारखण्ड विधानसभा के सदस्य रहे है. राजनीति की इस लंबी अवधि में बिहार राज्य के दो बार क्रमशः वन मंत्री तथा कल्याण मंत्री रहे. नवगठित झारखण्ड राज्य विधानसभा के उपाध्यक्ष तथा कांग्रेस जिलाध्यक्ष रहे है.(नीचे भी पढ़े)
राजनीति में उनका लंबा कार्य अनुभव तथा संघर्षरत जीवन शैली से कांग्रेसजनों को दिशा-निर्देश एवं प्रोत्साहन मिलता रहा. विभिन्न उच्च संवैधानिक पद धारक रहने के बावजूद भी आम नागरिकों की तरह अपने कार्यकर्ता तथा समाज के विभिन्न लोगों से सर्वत्र उपलब्ध रहकर जनसंवाद करते थे. जिसके कारण बागुन बाबू अभी भी लोगों के जनमानस में स्थान बनाये हुए है और बने रहेंगे.मौके पर कांग्रेस के राज कुमार रजक , त्रिशानु राय , जगदीश सुंडी , राकेश कुमार सिंह , विक्की यादव , बुल्लू दास , कार्तिक बोस ,सुशील कुमार दास आदि उपस्थित थे.



