रांची: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र का आज दूसरा दिन है. दूसरे दिन की शुरुआत ही प्रदर्शन के साथ हुई. सदन के बाहर भाजपा के विधायकों ने आंदोलन करते हुए सरकार को नियोजन नीति पर घेरा. विधायकों ने नारेबाजी और प्रदर्शन किया. भाजपा के विधायकों ने कहा कि राज्य सरकार स्थानीय और नियोजन नीति को लटकाए हुए है. सरकार नौकरी देना ही नहीं चाहती है. युवाओं को राज्य सरकार ठग रही है.विरोध प्रदर्शन करते हुए भाजपा विधायक अनंत ओझा ने कहा कि हर वर्ष 5 लाख युवाओं को रोजगार देने की बात कहने वाली सरकार तीन साल में स्थानीय और नियोजन नीति नहीं बना सकी. नौकरी की उम्मीद करना ही बेकार है. उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन सरकार राज्य के युवाओं की भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रही है. (नीचे भी पढ़े)
भाजपा के विधायक सदन के अंदर और सदन के बाहर इस निकम्मी सरकार का पोल खोलेगी. उन्होंने कहा कि राज्य में लूट की छूट है. विधानसभा सत्र के दूसरे दिन न केवल विपक्ष ने विरोध किया, बल्कि पक्ष के विधायक ने भी विरोध किया. जेएमएम विधायक लोबिन हेंब्रम विरोध करते हुए बहंगी लेकर विधानसभा पहुंचे. इस दौरान उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन की सरकार किसी की नहीं सुनती है. जनता को भरमा रही है. हेमंत सोरेन उनसे बात नहीं करते हैं. जल, जंगल जमीन के नाम पर सत्ता में आयी हेमंत सरकार में इसी का दोहन हो रहा है. स्थानीय और नियोजन नीति नहीं बनायी गई. राज्य में पेसा कानून का उल्लंघन हो रहा है. 1932 आधारित स्थानीय नीति के नाम पर हेमंत सरकार ने युवाओं को झुनझुना थमने का काम किया है.(नीचे भी पढ़े)
शशिभूषण मेहता व इरफान अंसारी में नोकझोंक
पांकी के भाजपा विधायक कुशवाहा शशिभूषण मेहता ने विधानसभा बजट सत्र के दूसरे दिन सदन के अंदर पांकी में हुई सांप्रदायिक घटना का मामला उठाया. उन्होंने मामले की जांच कराने की मांग सरकार से की. उन्होंने कहा कि आखिर मस्जिद के अंदर पत्थर और पेट्रोल बम कैसे आए. इस दौरान कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी ने उनकी बयान का विरोध शुरू कर दिया. इससे शशिभूषण गुस्सा हो गए. दोनों के बीच नोकझोंक होने लगी. स्पीकर ने संसदीय कार्यमंत्री से मामले पर जवाब देने को कहा. मंत्री ने कहा सरकार ने इसपर संज्ञान ले लिया है..(नीचे भी पढ़े)
सुखाड़ राहत राशि दिए जाने की मांग: दीपिका

महागामा विधायक दीपिका पांडेय सिंह ने सरकार से सभी प्रभावित किसानों को सुखाड़ राहत राशि दिए जाने की मांग की है. विधानसभा के बजट सत्र के शून्यकाल के दौरान मंगलवार को उन्होंने कहा कि राज्य में सुखाड़ राशि का लाभ लेने को 25 लाख से अधिक किसानों ने सरकार के पास आवेदन कर रखा है. पर अब भी करीब 50 फीसदी किसानों को इसका लाभ नहीं मिल सका है. राज्य सरकार सुखाड़ राहत राशि से वंचित 12 लाख से अधिक किसानों को जल्द से जल्द इसका लाभ मुहैया कराए.शून्यकाल के ही दौरान दीपिका पांडेय ने कृषक मित्रों का भी मसला उठाया. कहा कि राज्य में 12626 कृषक मित्र कार्यरत हैं. वे राज्य में कृषि संबंधित सारी योजनाओं में अहम भूमिका निभा रहे हैं. समय-समय पर मानदेय सेवा शर्त नियमावली और अन्य मांगों को लेकर सरकार के पास बात रखते आये हैं. कई स्तर पर उन्हें केवल आश्वासन ही मिला है. पर उनकी वाजिब मांगें पूरी नहीं की जा सकी हैं. ऐसे में वे कृषक मित्रों की मांगों पर अविलंब हल निकालने की मांग सरकार से करती हैं..(नीचे भी पढ़े)
स्वीकृत बिरसा आवास का मुद्दा मंगल कालिंदी ने उठाया

झारखंड विधानसभा सत्र के दौरान शून्यकाल में विधायक मंगल कालिंदी ने कहा कि अध्यक्ष,रविन्द्रनाथ महतो का ध्यानआर्षित कराते हुए कहा कि पूर्वी सिंहभूम जिला अन्तर्गत जुगसलाई विधान सभा क्षेत्र के बोड़ाम के बोंटा पंचायत के बांदोरजोल कोचा स्थित दलमा की तराई में रहने वाले आदिम जनजाति के 14 पहाड़िया परिवारों को मिलने वाले बिरसा आवास निर्माण कार्य को वन विभाग ने रोक दिया है. जिसके कारण सात पहाड़िया परिवारों हेतु स्वीकृत बिरसा भवन निर्माण नहीं होने देने से उनके अधिकारों का हनन किया जा रहा है. पक्का आवास नहीं होने के कारण पहाड़िया परिवारों को बरसात एवं जाड़े के मौसम में काफी दिक्कतों का सामना करने के साथ-साथ जंगली जानवरों से जान माल का खतरा रहता है.
अत: लोकहित एवं जनहित में बोड़ाम प्रखण्ड अन्तर्गत बोंटा पंचायत के बांदारजोल कोचा के रहने वाले पहड़िया आदिम जनजाति परिवारों के लिए बिरसा आवास निर्माण के लिए सरकार से मांग की है.
सरकार की सोच का प्रतिबिंब है राज्यपाल का अभिभाषण : प्रदीप यादव

विधायक प्रदीप यादव ने कहा कि सरकार की सोच का प्रतिबिंब है राज्यपाल का अभिभाषण. कहा कि पूर्व की सरकार में सिर्फ गलत बातों को राज्यपाल से कहवाया जाता था लेकिन अब वही बात अभिभाषण में आती है जो सच है. कहा कि भाजपा की सरकार में अमीरों के लिए काम होता था लेकिन हमारी सरकार में गरीबों के लिए काम होता है. भाजपा में चंद अमीरों की बातें होती हैं.
सरकार के विकास कार्यों का आइना है राज्यपाल का अभिभाषण : सरफराज
झामुमो विधायक सरफराज अहमद ने कहा कि राज्यपाल का अभिभाषण सरकार के विकास कार्यों का आइना है. कहा कि कोरोना महामारी की विषम परिस्थिति के बाद भी सरकार ने राज्य की अर्थव्यवस्था को पटरी से नहीं उतरने दिया. हर क्षेत्र में विकास के कार्य हो रहे हैं. कृषि के क्षेत्र में सरकार ने काम किया है. विकास दर में वृद्धि हुई. प्रति व्यक्ति आय में भी वृद्धि हुई है.



