नयी दिल्ली : केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने दुर्लभ बीमारियों से ग्रसित 134 लोगों के लिए 22 करोड़ रुपये जारी किये हैं. दुर्लभ बीमारी दिवस के अवसर पर सरकार द्वारा लिये गये इस निर्णय से संबंधित बीमार लोगों को इलाज में काफी मदद मिलेगी. बता दें कि हर वर्ष 28 फरवरी को दुर्लभ बीमारी दिवस के रूप में मनाया जाता है. (नीचे भी पढ़ें)
दुर्लभ बीमारियों की समाज के मध्यम एवं निम्न वर्ग के लोगों को सही जानकारी भी नहीं होती और न ही वे ऐसी बीमारियों का इलाज कराने में ही सक्षम होते हैं, क्योंकि इन बीमारियों का इलाज अक्सर महंगा होता है, जहां तक उनकी पहुंच नहीं होती. केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के दुर्लभ रोग प्रकोष्ठ ने इस वर्ष पहली बार इस अवसर पर सीजीएच-आइजीआइ को वर्ष 2022-23 के तहत राष्ट्रीय आरोग्य निधि की अंब्रेला योजना के तहत दुर्लभ बीमारियों से ग्रस्त 134 लोगों को इलाज के लिए वित्तीय मदद के रूप में 22 करोड़ रुपये स्वीकृत किये हैं. मंत्रालय ने यह निर्णय वर्ष 2021 में इस संबंध में लागू की गयी नीति के तहत लिया है. (नीचे भी पढ़ें)
कोलकाता के सेंटर फॉर एक्सीलेंस में 4 परिवारों का रजिस्ट्रेशन हुआ है, जिनमें से 2 गौचर रोग से पीड़ित हैं तो दो अन्य एमपीएसआइ से ग्रस्त हैं. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय से पैसे मिल जाने से अब उनका इलाज हो सकेगा. सरकारी आंकड़ों के अनुसार देश में अभी 453 लोग अलग-अलग दुर्लभ बीमारियों से ग्रसित हैं, जिन्हें भी आर्थिक मदद की जरूरत है.




