रामगढ़: झारखंड के रामगढ़ सीट पर हुए उपचुनाव में एनडीए प्रत्याशी सुनीता चौधरी ने बाजी मारी, उन्होंने कांग्रेस के बजरंग महतो को करीब 21 हजार मतों से हराया. सुनीता चौधरी को एक लाख 15 हजार मत मिले जबकि कांग्रेस के प्रत्याशी बजरंग महतो को 93 हजार 500 मत मिले. रामगढ़ में मिली जीत को एनडीए की मिशन 2024 की तैयारियों के लिए अहम माना जा रहा है. झारखंड में अब तक हुए उपचुनाव में एनडीए की पहली सफलता है. इससे पूर्व सभी उपचुनाव में यूपीए के प्रत्याशियों ने बाजी मारी है. इस बार यूपीए प्रत्याशी बजरंग महतो को हार का सामना करना पड़ा. इस बार के उपचुनाव में भाजपा और आजसू ने संयुक्त रुप चुनाव लड़ा जिसका फायदा उसे मिला, और आजसू प्रत्याशी सुनीता चौधरी को जीत मिली. इस उपचुनाव के पहले राउंड से ही आजसू प्रत्याशी सुनीता चौधरी ने बढ़त बनायी, जो अंतिम राउंड तक जारी रहा. पहले राउंड में सुनीता चौधरी को 12,910 मत मिले जबकि बजरंग महतो को 7072 मत, पहले ही राउंड में सुनीता ने पांच हजार की बढ़त बनायी, दूसरे राउंड में फिर यह अंतराल और बढ़कर 11 हजार हो गया. तीसरे राउंड में अंतराल 16 हजार हो गया, चौथे राउंड में 24 हजार इसी तरह यह अंतराल बढ़ता गया.पांच राउंड में यह अंतर 20 हजार पार हो गया.(नीचे भी पढ़े)

धीरे धीरे यह अंतराल बढ़ता ही गयी और अंतिम राउंड में आजसू की प्रत्याशी सुनीता चौधरी ने बाजी मार ली. विदित हो कि यह चुनाव ममता देवी की सदस्यता रद्द होने के कारण हुई. इस चुनाव में ममता देवी के पति बजरंग महतो यूपीए की ओर से प्रत्याशी रहे ,जबकि झारखंड विधानसभा चुनाव में सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी की पत्नी सुनीता चौधरी चुनाव लड़ी थी और ममता देवी ने उन्हें हराया था. लेकिन उपचुनाव में ममता देवी के पति को शिकस्त खानी पड़ी.आजसू प्रमुख सुदेश कुमार महतो ने खुशी जतायी है. रामगढ़ ने एनडीए इतिहास रचा है. राज्य की राजनीति को अलग दिशा दिखाने का काम किया है. जनता को सलाम करते कहा कि यह हेमंत सोरेन की हार है. झूठ की बुनियाद पर बनी सरकार की हार है. इस जनादेश से साफ दिख रहा है कि इस सरकार के निर्णयों को जवाब देने का मन जनता बना चुकी है. सरकार के कुशासन, जनता से किए छल के खिलाफ बड़ा जवाब रामगढ़ की जनता के माध्यम से आय़ा है. निश्चित रूप से इस चुनाव परिणाम से अगले वर्ष 2024 में होने वाले चुनावों पर असर पड़ेगा.



