रांची: झारखंड के वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव ने सदन में वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए 1 लाख 16 हजार 418 करोड़ रुपये का बजट सदन में पेश किया. अपने भाषण में उन्होंने कहा कि यह झारखंड का हमीन कर बजट है. इसमें सभी वर्गों का ख्याल रखा गया है.सभी वर्गों के सुझाव को शामिल किया गया है. राज्य पिछले तीन सालों में विकास की ओर अग्रसर है. झारखंड की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है. वित्त मंत्री ने झारखंड की जनता को बजट समर्पित करते हुए कहा कि यह बजट अंतिम आदमी को आगे लाने का काम करेगा. विकास दर में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है तो वहीं सरकार को राजस्व संग्रह में भी 23.28 प्रतिशत की वृद्धि होने का अनुमान है.(नीचे भी पढ़े)

बजट में 15 फीसदी की हुई बढ़ोत्तरी
वित्त मंत्री ने कहा कि पूर्व की सरकार में बजट में अमूमन 10 प्रतिशत की वृद्धि होती थी लेकिन हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार ने 15 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. सीएम मेधा छात्रवृति योजना ,सीएम गंभीर बीमारी योजना ,धोती साड़ी लूंगी योजना सहित सभी योजना सीधे जनता से जुड़ी है. हमारी सरकार के पांव जमीन पर मजबूती से टिके है और आसमान की ऊंचाई को छूना है. हमारी सरकार ने स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर करने के लिए बेहतर ऋण प्रबंधन किया है.(नीचे भी पढ़े)
योजना व्यय में वृद्धि, स्थापना व्यय में आई कमी
झारखंड सरकार ने बेहतर प्रबंधन के माध्यम से राजकोषीय घाटा पर भी नियंत्रण रखने में सफलता पाई. राजकोषीय घाटा 1 फीसदी से भी कम रखने में सफलता पाई है. विगत तीन वर्षो में योजना व्यय में लगातार वृद्धि हो रही है, जबकि स्थापना व्यय में लगातार कमी आई है, सरकार राज्य के विकास में तरजीह दे रही है. चालू वित्तीय वर्ष में राजकोषीय घाटा 3 फीसदी से कम होने का अनुमान है.(नीचे भी पढ़े)
13 लाख किसानों के खाते में 461 करोड़ की राशि हस्तांतरित
सरकार की मुख्य प्राथमिकता किसानों को ऋण से मुक्ति दिलाना और उनकी आय में बढ़ोतरी करना है. 13 लाख किसानों के खाते में 461 करोड़ की राशि हस्तांतरित किया गया. सौर ऊर्जा आधारित मैक्रो एरिगेशन को लागू करने के लिए कृषि समृद्धि योजना लागू किया जाना है.(नीचे भी पढ़े)
वर्ष 2023-24 योजना क्रियान्वयन वर्ष होगा
वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव ने कहा कि हमीन कर बजट में प्रस्तावित योजनाओं को मूर्त रूप देने के लिए वर्ष 2023-24 योजना क्रियान्वन वर्ष होगा. कहा कि वर्ष 2019-20 में राज्य का आर्थिक विकास दर 1.1 प्रतिशत था. जबकि वर्ष 2021-22 में यह 8.2 प्रतिशत रहा. वर्ष 2022-23 में राष्ट्रीय आर्थिक विकास दर 7 प्रतिशत की तुलना में हमारे राज्य का विकास दर 7.8 प्रतिशत रहने का अनुमान है.(नीचे भी पढ़े)
राजस्व आय में हासिल की वृद्धि
वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य ने अपने राजस्व आय में उत्तरोत्तर वृद्धि हासिल की है. वर्ष 2019-20 में कुल राजस्व आय 25 हजार 521 करोड़ 43 लाख रुपये थी जो वर्ष 2021-22 में 31 हजार 320 करोड़ 36 लाख रुपये हो गयी तथा वर्ष 2022-23 में 22.28 प्रतिशत वृद्धि के सात्ज 38 हजार 612 करोड़ 84 लाख रुपये रहने का अनुमान है.(नीचे भी पढ़े)
स्थापना व्यय में आई लगातार कमी
वित्त मंत्री ने कहा कि बजट की एक महत्वपूर्ण विशेषता है कि विगत 3 वर्षों में स्थापना व्यय में लगातार कमी आयी है. योजना व्यय में लगातार वृद्धि हो रही है. कुल व्यय में स्थापना और योजना व्यय का अनुपात देखा जाय तो यह वर्ष 2019-20 में 45.53 था, जो वर्ष 2022-23 में 43.57 रहना अनुमानित हैं. वर्ष 2023-24 में 39.61 प्रतिशत प्रस्तावित है.(नीचे भी पढ़े)
श्रम नियोजन के लिए 985 करोड़ का प्रावधान
श्रम नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग के लिए बजट में 67प्रतिशत की वृद्धि की गई है. श्रम नियोजन के लिए 985 करोड़ का बजट प्रस्तावित है. आईटीआई संस्थानों के आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए और उन्हें अपडेट करने के लिए बजट में प्रस्ताव किया गया है.(नीचे भी पढ़े)
मुख्यमंत्री सारथी योजना के तहत 1.40 लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण
मुख्यमंत्री सारथी योजना के तहत राज्य की 1 लाख 40 हजार युवक युवतियों को कौशल प्रशिक्षण दिए जाने का लक्ष्य रखा गया है तो वहीं नेतरहाट विद्यालय की तर्ज पर चाईबासा, दुमका और बोकारो में आवासीय विद्यालय राज्य सरकार शुरू करेगी. इसके अलावा पहली बार बांग्ला एवं उड़िया भाषाओं में क्लास 1 से 5 तक चयनित स्कूलों में प्रारंभिक शिक्षा भी बच्चों को प्रदान की जाएगी.(नीचे भी पढ़े)
आधारभूत संरचनाओं का तेजी से विकास सरकार की प्राथमिकता
वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य में आधारभूत संरचनाओं का विकास तेजी से करना सरकार की प्राथमिकता है. पूंजीगत परिव्यय में वृद्धि पर बल दिया है. वर्ष 2021-22 में यह 10 हजार 789 करोड़ रुपये था जो वर्ष 2022-23 में 18 हजार 17 करोड़ रुपये अनुमानित हैं. आगामी वर्ष में इसे 25 हजार 317 करोड़ पूंजीगत परिव्यय का आकलन किया गया है. राज्य के आर्थिक स्वास्थ्य को बेहतर करने और भविष्य की पीढ़ी को आर्थिक बोझ की विरासत से बचाने के लिए बेहतर ऋण प्रबंधन किया गया है. कहा कि बजट में राजस्व व्यय के लिए 84 हजार 676 करोड़ और पूंजीगत व्यय के लिए 31 हजार 742 करोड़ रुपये का प्रस्ताव है.(नीचे भी पढ़े)
आंगनबाड़ी चलो अभियान योजना होगी प्रारम्भ
आंगनबाड़ी केन्द्र में आनेवाले बच्चों को पाठशाला पूर्व शिक्षा के लिए आंगनबाड़ी चलो अभियान योजना प्रारम्भ की जायेगी. इस योजना के तहत बच्चों को पोशाक एवं वर्क-बुक तथा सभी केन्द्रों में फर्नीचर इत्यादि उपलब्ध कराये जाने के लिए वर्ष 2023-24 में 190 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है.वर्ष 2023-24 में 800 नये आंगनबाड़ी भवन के निर्माण का प्रस्ताव है.आंगनबाड़ी सेविकाओं एवं सहायिकाओं के चयन एवं मानदेय नियमावली गठित की गई हैं तथा इनके मासिक मानदेय में 3,100 से 4,800 रुपये की बढ़ोत्तरी की गई है. वर्ष 2023-24 से इनके मासिक मानदेय में 500 तथा 250 रुपये की वृद्धि की जायेगी. साथ ही, इन सबों के लिये 500 रुपये प्रतिवर्ष प्रीमियम का भुगतान राज्य सरकार द्वारा करते हुए उन्हें सामूहिक बीमा योजना से आच्छादित करने का प्रस्ताव है.(नीचे भी पढ़े)
सड़क निर्माण का प्रस्ताव
राज्य सरकार इन सभी गांवों को आगामी वित्तीय वर्षों में पक्की सड़क से जोड़ने का कार्य करेगी. चालू वित्तीय वर्ष में रांची मास्टर प्लान, 2037 के अनुरूप इनर रिंग रोड के मिसिंग लिंक के निर्माण का प्रस्ताव है. वर्ष 2023-24 में निम्न पथ परियोजनाओं को प्रारम्भ किया जाना प्रस्तावित है. जिसमें साहेबगंज – बरहेट – जामताड़ा – दुमका- गोविन्दपुर पथ का फोरलेन, कोडरमा-जमुआ – गिरिडीह – टुण्डी – गोविन्दपुर (स्टेट हाईवे-13) पथ का फोरलेन में व सतसंग भिरखीबाद पथ का फोरलेन शामिल है.
राज्यपाल और मुख्यमंत्री को सौंपी बजट की प्रति
विधानसभा में बजट पेश करने से पहले वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव ने राजभवन पहुंचकर राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को आम बजट की प्रति सौंपी तो वहीं सीएम हेमंत सोरेन को भी वित्त मंत्री ने बजट की प्रति सौंपी. विदित हो कि वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव ने अपना चौथा बजट पेश किया.(नीचे भी पढ़े)
बजट की मुख्य बातें:
नेतरहाट को टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने के लिए नेतरहाट टूरिस्ट डेवलपमेंट अथॉरिटी बनेगा
खेलकूद को बढ़ावा देने के लिए ग्रास रूट ट्रेनिंग सेंटर और सिदो कान्हू युवा क्लब स्थापित किए जाएंगे
नगर विकास विभाग के लिए 3346 करोड़ का बजट
उद्योग विभाग के लिए 474 करोड़ का बजट
आम जनता के लिए सस्ते दर पर एयर एंबुलेंस सेवा प्रारंभ की जाएगी
दुमका और बोकारो स्थित हवाई अड्डों से इस वित्तीय वर्ष में उड़ान शुरू होगा.
कृषि: सरकार की प्राथमिकता सूखा से राहत, आय सुनिश्चित करना,सूखा राहत के लिए प्रत्येक किसान परिवार को 3500 रुपए का लाभ.
सिंचाई का लाभ के लिए 5 एकड़ क्षेत्र से कम तालाब से गाद हटाने के लिए 500 करोड़ रुपए का प्रावधान,कृषि संवृद्धि योजना लागू की जाएगी.
फर्टिलाइजर का उपयोग कम करने और जैविक कृषि की दिशा में सरकार इस वर्ष फसल सुरक्षा योजना लागू करेगी.
ग्रामीण विकास: मनरेगा में 9 करोड़ मानव दिवस सृजन का लक्ष्य, 1020 करोड़ रुपए का प्रावधान,1 लाख के किसानों के भूमि में सिंचाई कूप का निर्माण कराया जाएगा, पीएम आवास योजना (ग्रामीण) -3542 करोड़ का प्रावधान




