गिरिडीह : गैरमजरुआ खास, बकास्त, बंदोबस्ती एवं भूदान से हासिल जमीनों की ऑनलाइन इंट्री कर लगान रसीद निर्गत करने की मांग को लेकर आगामी 25 अप्रैल से प्रस्तावित सत्याग्रह की तैयारी को लेकर किसान मंच ने मंगलवार को यहां झंडा मैदान में किसान पंचायत आयोजित की. (नीचे भी पढ़ें)

पंचायत को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष अवधेश कुमार सिंह ने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा ने 2019 के विधान सभा चुनाव में जनता से झामुमो की सरकार बनने पर किसानों की गैरमजरुआ जमीनों की लगान रसीद जारी करने पर लगी रोक हटाते हुए उन्हें रसीद निर्गत कराने का वायदा किया था. पर गैर मजरुआ जमीनों की रसीद तो दूर, रैयती जमीनों की ऑनलाइन रसीद पाना भी मुश्किल हो गया है. उन्होंने प्लॉटों की ऑनलाइन इंट्री के लिए घूस मांगे जाने एवं नहीं देने पर अनाप-शनाप कारण बता कर आवेदन रिजेक्ट कर देने का आरोप लगाया. उन्होंने ऐसे अधिकारियों को जिला प्रशासन का संरक्षण प्राप्त होने का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष भी इस पर चुप है. उन्होंने इसके खिलाफ एकजुट किसान आंदोलन चलाये जाने की जरूरत बताते हुए कहा कि हम किसान सत्याग्रह से इतनी शक्ति पैदा करेंगे कि विपक्ष को हमारी आवाज बनना पड़ेगा.(नीचे भी पढ़ें)
पूर्व जिला सचिव देवचन्द्र यादव एवं वर्तमान जिला सचिव विजय कुमार ने किसानों को सत्याग्रह की तिथि, 25 अप्रैल से कम से कम 15 दिन पहले हर हाल में अपनी जमीनों की ऑनलाइन इंट्री के लिए ऑनलाइन आवेदन कर उसकी पावती रसीद की एक छाया प्रति किसान मंच को सौंपने को कहा, ताकि उन सभी पावती रसीदों को सूचीबद्ध कर उनके निष्पादन के लिए दबाव बनाया जा सके. किसानों ने अभिलेखागार प्रभारी द्वारा खतियान की नकल नहीं दिये जाने से आक्रोशित किसानों ने जिला प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम डीसी को एक ज्ञापन भी सौंपा.(नीचे भी पढ़ें)
किसान पंचायत में तिसरी अंचल अध्यक्ष दासो मुर्मू, उपाध्यक्ष ब्रह्मदेव राय, महासचिव बैजून मुर्मू, कुदरत अली, खुशबू देवी, देवरी अध्यक्ष अन्ना मुर्मू, बेंगाबाद पंसस देवकी नंदन यादव, पूर्व पंसस बसंती देवी, बेंगाबाद अंचल अध्यक्ष नबी अंसारी, गिरिडीह अंचल अध्यक्ष हदीस अंसारी, मौजा कमेटी अध्यक्ष छत्रधारी सिंह, हेमलाल सिंह, पूरन सिंह, शनीचर टुडू, परशुराम, गोने टुडू, वर्मा, अब्दुल अंसारी, अरविंद कुशवाहा, रुपिया सोरेन, शिवम बास्के, गुलाम मियां, बासुदेव मरांडी, पप्पू कुमार यादव, देबू यादव, नारायण महतो, दिलीप यादव, रोहित तुरी, बिशुन मरांडी, दासो हांसदा आदि सैकड़ों किसान उपस्थित रहे.



