रांची : झारखंड के राजभवन में मंगलवार को पूर्व सांसद सालखन मुर्मू और सुमित्रा मुर्मू के नेतृत्व में 5 प्रदेशों के सेंगेल प्रतिनिधियों ने आदिवासी सेंगेल अभियान के तहत धरना प्रदर्शन किया. आदिवासी मूलवासी के हितों की बात को लेकर प्रदर्शन किया गया और साथ ही दस सूत्री ज्ञापन पत्र भी सौंपा गया. झारखंड के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन के नाम ज्ञापन दिया गया और विभिन्न मुद्दों पर विचार और कार्रवाई करने की मांग की गई. (नीचे भी पढ़ें)
मांग पत्र में 2023 में सरना धर्म कोड को लागू करने, पारसनाथ को जैन समुदाय से मुक्त कराने, नियोजन नीति लागू करने और इसमें 90 प्रतिशत ग्रामीणों के आरक्षण, असम जैसे राज्यों में लंबे समय से रह रहे से झारखंडी आदिवासियों को एसटी का दर्जा, ट्राईबल सेल्फ रूल सिस्टम में जनतांत्रिक और संवैधानिक मूल्यों को समाहित करना, साथ ही आदिवासी गांव समाज में सुधार लाने में सरकार का सहयोग और राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त संताली भाषा को झारखंड की प्रथम राजभाषा का दर्जा देने की मांग की गई. वहीं मुंडा, कुड़ुख, खड़िया और हो आदि को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग भी की गई हैं.



