वॉशिंगटन : सूर्य की सतह पर हमेशा हलचल होती रहती है. इसी क्रम में विगत मार्च महीने में सूर्य की सतह से बहुत बड़े पैमाने पर प्लाज्मा निकलने की घटना घटी है. इसकी तस्वीरें किसी झरने जैसी दिखाई देती हैं. अंतरिक्ष की तस्वीरें खींचने वाले एस्ट्रोग्राफर एडुआर्डो शाबर्गर पोपेउ द्वारा ली गयी इसकी तस्वीरें सामने आई हैं. (नीचे भी पढ़ें)

विगत 9 मार्च को उन्होंने यह तस्वीर खींची, जिसमें सूर्य की सतह पर उक्त प्लाज्मा की एक दीवार जैसी खड़ी हो गई दिखाई दे रही है. सूर्य की सतह से इसकी ऊंचाई अंतरिक्ष में करीब 1 लाख किलोमीटर तक बतायी जा रही है. (नीचे भी पढ़ें)

हालांकि बाद में यह प्लाज्मा पुनः सूर्य की सतह पर ही लौट आती है, जिसके कारण इसको वॉटरफॉल यानी झरना नाम दिया गया. पोपेउ ने कहा कि उनके कंप्यूटर स्क्रीन पर देखने से लग रहा था कि यह प्लाजमा के सैकड़ों धागे हैं, जिसे देख कर वे हैरान थे. वैज्ञानिकों के मुताबिक यह प्लाज्मा 36,000 किमी प्रति घंटे की गति से सूर्य से निकला, जो पृथ्वी पर दिखाई देने वाले अरोरा की तरह हैं. इसे ध्रुवीय मुकुट भी कहा जाता है. (नीचे भी पढ़ें)

अंतरिक्ष की ओर निकलते हैं प्लाज्मा
दहकते सूर्य के निकली यह प्लाज्मा बेहद गर्म होती है जो सूर्य से उठ कर अंतरिक्ष की ओर बढ़ती है, लेकिन सूर्य के ध्रुवों के पास होने पर वहां इति शक्तिशाली चुंबकीय क्षेत्र होने के कारण वह अंतरिक्ष की ओर जाने की बजाय वह बहुत तेज गति से वापस सूर्य की सतह पर ही आ गिरती है. ध्रुवों के करीब होने से नासा इसकी तुलना पृथ्वी के अरोरा से करता है. हालांकि रंगीन रोशनी की जगह सूर्य के ध्रुव अंडाकार प्लाज्मा की डांसिंग शीट से भरे हैं. (नीचे भी पढ़ें)
सौर चक्र अपने चरम पर
बताते चलें कि हमारा सूर्य इस समय अपनी चरम गतिविधि पर है. ऐसा इसलिए, क्योंकि सूर्य का चक्र चल रहा है. हाल के दिनों में यह बेहद एक्टिव दिखा है. वैज्ञानिकों के अनुसार सूर्य के चुंबकीय ध्रुव लगभग हर दशक में अपना जगह बदल लेते हैं. यही नहीं सूर्य की सतह पर उभरनेवाले सन स्पॉट भी घटते बढ़ते रहते हैं. वैज्ञानिकों के अनुसार सौर चक्र की शुरुआत में सूर्य का चुंबकीय क्षेत्र अपेक्षाकृत शांत होता है और उसकी सतह पर सनस्पॉट की संख्या भी कम होती है, किन्तु जैसे-जैसे सौर चक्र आगे बढ़ता है, चुंबकीय क्षेत्र जटिल होता जाता है.



