
बिरसानगर : पिता की हत्या के आरोपी पुत्र साक्ष्य अभाव में बरी, शराब के नशे में पिता की कर दी थी पिटाई, इलाज के दौरान रिम्स में हो गया थी मौत – जमशेदपुर के बिरसानगर जोन नंबर-9 में 9 जुलाई 2020 को राजेश बहादुर की बेटे ने शराब की नशे में पिटाई कर दी. गंभीर रूप से घायल राजेश बहादुर की इलाज के दौरान रांची के रिम्स में 17 जुलाई को मृत्यु हो गया था. इस मामले में सुनवाई कर रहे जमशेदपुर कोर्ट के एडीजे -2 आभाष वर्मा की अदालत ने शुक्रवार को आरोपी शिवा बहादुर को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया. बचाव पक्ष के वकील एन सतीश कुमार ने बताया कि मामले में कुल 9 लोगों की गवाही हुई थी. लेकिन कोई भी गवाह अभियोजन का समर्थन नहीं किया था। जिसका लाभ आरोपी को मिल गया. घटना 9 जुलाई 2020 की हैं. मृतक राजेश की बेटी देवा बहादुर के बयान पर बिरसानगर थाने में बड़े भाई शिवा बहादुर के खिलाफ पिता की हत्या का एफआईआर दर्ज कराई गई थी. देवा ने पुलिस को बताया था कि घटना की रात वे दोनों भाई बहन मर्सी हॉस्पिटल में थे, जहां मां को इलाज के लिए भर्ती कराया गया था. रात्रि 11.30 बजे मकान मालिक ने मोबाइल पर फोन कर घटना की जानकारी दी. सूचना पर घर पहुंची. पिता राजेश को जख्मी हालत में एमजीएम अस्पताल लेकर गया जहां इलाज चल हुआ, उनका बेहतर इलाज के लिए एमजीएम डॉक्टरों ने रिम्स रेफर कर दिया था, जहां इलाज के दौरान 17 जुलाई को राजेश बहादुर की मौत हो गया था. पुलिस ने शिवा बहादुर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. तब से वह जेल में बंद था. (नीचे भी पढ़ें)
मानगो : मारपीट के एक मामले में सात लोग दोषी, सभी दोषियों को दो -दो हजार रुपए के जुर्माने पर छोड़ दिया – मारपीट व छीनतई के एक मामले में सुनवाई कर रहे जमशेदपुर कोर्ट के एडीजे -4 राजेंद्र कुमार सिन्हा की अदालत ने शुक्रवार को आरोपी कार्तिक तंतुवाई,सुरेश तंतुवाई, धरणी महतो, भीम सिंह उर्फ भीम पात्रो,दुलाल तंतुवाई, बबलू मांझी उर्फ बबलू सोरेन एवं शंकर दास को दोषी करार दिया हैं. आदालत ने बाद में इन आरोपियों को प्रोवेशन ऑफ अफेंडर एक्ट की धारा 5 के तहत सभी अभियुक्त को 2000 का जुर्माना लगाने के बाद रिहा कर दिया. अदालत ने अपने फैसले में कहा है कि जुर्माने का रकम पीड़ित, विशाल राय और उनकी भाई विक्रांत राय को इलाज के लिए दिया जाएगा. इस मामले में सात लोगों की गवाही हुई हैं. पारडीह नीचे बस्ती मानगो के रहने वाला विशाल राय का कहना था कि 13 जुलाई 2017 को वह साथी हरिकेन यादव, लोकेश यादव, अंकुश यादव और पंकज पांडेय के साथ इन्दिरा कॉलोनी के पास बैठा था. तभी अचानक आरोपी 20-25 अन्य के साथ आए गाली-गलौज करते हुए मारपीट करने लगे और कह रहे थे कि बिहारियों मार के यहा से भगा देंगे. मारपीट करते हुए विशाल के गले से सोने की चेन,मोबाइल और नकद 16- 17 सौ रूपए छीन लिए थे. विशाल का कहना था कि वे लोग भागकर घर के अंदर चला गया. लेकिन आरोपी घर में घूस कर खींचते हुए उसे खेत में लेकर गया. बीच बचाव मे महिलाओं कै साथ भी अश्लील हरकत किया गया था. इसमे विशाल राय के बयान पर मानगो थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी. (नीचे भी पढ़ें)
चेक बाउंस के मामले में अशोक कुमार प्रजापति को एक साल का कारावास : चेक बाउंस के एक मले में सुनवाई कर रहे जमशेदपुर कोर्ट के प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी राजेंद्र कुमार प्रसाद की अदालत ने शुक्रवार को आरोपी अशोक कुमार प्रजापति बारीडीह निवासी को दोषी करार देते हुए एक साल का साधारण कारावास और चेक राशि समेत ढाई लाख रूपए भुगतान करने का आदेश दिया हैं. इस मामले में चोला मंडलम फाइनेंस की और से मामला दर्ज किया गया था. आरोपी अशोक ने चोला मंडलम फाइनेंस से एक इंडिगो कार फाइनेंस में लिया था. अशोक पर इंस्टॉलमेंट का रूपया बकाया 1लाख 81 हजार 618 रूपए बकाया था, जिसके लिए अशोक ने 9 अगस्त 2017 को चेक जारी किया था. रूपए की कमी के कारण चेक बाउंस कर गया था. इस मामले में चोला मंडलम की ओर से अधिवक्ता रोहित सिंह ने पैरवी की.



