जमशेदपुर: झारखंड स्टेट एड्स कंट्रोल सोसायटी के प्रोजेक्ट डायरेक्टर शशि प्रकाश सिंह ने जिले में एचआईवी जांच अभियान को और तेज करने तथा सभी गर्भवती महिलाओं की अनिवार्य एचआईवी स्क्रीनिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है. उन्होंने कहा कि यदि किसी गर्भवती महिला में समय रहते एचआईवी संक्रमण की पहचान हो जाए और उसे नियमित दवा उपलब्ध कराई जाए, तो नवजात शिशु को संक्रमण से बचाया जा सकता है. उन्होंने इस विषय को गंभीरता से लेने की अपील करते हुए कहा कि समय पर जांच और उपचार से एक नए जीवन को आजीवन दवा पर निर्भर होने से बचाया जा सकता है. शनिवार को एमजीएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में आयोजित जिलास्तरीय समीक्षा बैठक में उन्होंने अधिकारियों, चिकित्सकों और काउंसिलरों के साथ एचआईवी नियंत्रण कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा की. (नीचे भी पढ़ें)
बैठक में सदर अस्पताल के चिकित्सक और काउंसिलर भी शामिल हुए. शशि प्रकाश सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय लक्ष्य ‘फर्स्ट 95, सेकंड 95 और थर्ड 95’ को हासिल करने के लिए नियमित जांच, समय पर उपचार और दवाओं का निरंतर सेवन सुनिश्चित करना आवश्यक है. उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी एचआईवी स्थिति की जानकारी होनी चाहिए, ताकि संक्रमण की रोकथाम और उपचार प्रभावी ढंग से किया जा सके. उन्होंने इंडेक्स टेस्टिंग पर विशेष जोर देते हुए कहा कि एचआईवी संक्रमित व्यक्ति के साथ उसके जीवनसाथी या पार्टनर की भी जांच कराई जाए, जिससे संक्रमण के प्रसार को रोका जा सके. (नीचे भी पढ़ें)
उन्होंने सभी संबंधित विभागों से समन्वित प्रयास करते हुए निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने का आह्वान किया. बैठक में एमजीएम अस्पताल के अधीक्षक डॉ बलराम झा, मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ विक्रम मुर्मू, चर्म रोग विभागाध्यक्ष डॉ एएन झा, एआरटी सेंटर के डॉ पीएन मिश्रा, डाटा मैनेजर विकास कृष्ण, काउंसिलर डॉ रामचंद्र सिंह सहित सदर अस्पताल के चिकित्सक एवं काउंसिलर उपस्थित रहे.




