अनिल कुमार/बोकारो : बोकारो स्टील प्रशासनिक भवन के समक्ष विगत तीन दिनों से बेमियादी धरने पर बैठे भवनाथपुर से आए हजारों मजदूरों को सीआइएसएफ के जवानों ने शनिवार को वाटर कैनन का प्रयोग कर एवं लाठीचार्ज कर खदेड़ दिया. सीआइएसएफ जवानों ने इस दौरान धरनार्थियों के पक्ष में वार्ता करने पहुंचे पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी के साथ भी बदसलूकी की. इस दौरान मजदूरों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा गया.(नीचे भी पढ़ें)
लाठीचार्ज में दर्जनों मजदूर घायल हो गए हैं, जबकि आधा दर्जन के करीब मजदूरों के हाथ-पैर टूट गया है. आरोप लगाया गया कि पुलिस एवं बोकारो स्टील के सुरक्षाकर्मियों के रहते सीआइएसएफ के अधिकारियों व जवानों ने अधिकार क्षेत्र से बाहर आकर लाठीचार्ज किया. लाठी लाठीचार्ज के बाद घटनास्थल पर चारों ओर पत्थर और जूते चप्पल बिखरे दिखे. (नीचे भी पढ़ें)
पूर्व विधायक के एन त्रिपाठी ने कहा कि राजनीतिक साजिश के तहत उन पर लाठीचार्ज कराया गया है. किसी राजनीतिक व्यक्ति के द्वारा बोलकर टार्गेट करके लाठीचार्ज कराया गया है. उन्होंने कहा कि 48 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी बोकारो स्टील के अधिकारियों ने इन मजदूरों की सुधि नहीं ली थी. (नीचे भी पढ़ें)
उन्होंने कहा कि बोकारो स्कोटील ई भी अधिकारी इन से बात करने तक नहीं पहुंचा था, जिसके मद्देनजर वे शांति पूर्ण तरीके से प्रबंधन के साथ वार्ता करने पहुंचे थे, लेकिन प्रबंधन से वार्ता कराने के बजाय सीआइएसएफ ने अपने अधिकार क्षेत्र का अतिक्रमण करते हुए मजदूरों पर लाठीचार्ज कर दिया. बिना महिला पुलिसकर्मी के महिलाओं पर लाठीचार्ज कराया गया, जिसमें दर्जनों लोग घायल हो गए हैं.(नीचे भी पढ़ें)
जानकारी के अनुसार भवनाथपुर निवासी सुखदेव यादव, जय कुमार राय, नगर उंटारी, इंटक झारखंड के प्रदेश सचिव पवन पासवान, विश्वनाथ साव, लखीराम मांझी आदि के हाथ-पैर टूट गये हैं. सेल के बोकारो स्टील के द्वारा गढ़वा के भवनाथपुर स्थित तुलसीदामर में संचालित डोलोमाइट एवं चूना पत्थर खदान को 16 फरवरी 2020 को बंद कर दिया गया, जिसके कारण वहां के मजदूरों के समक्ष भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है. (नीचे भी पढ़ें)
बताते चलें कि बोकारो स्टील के दोनों ही प्लांटों में 3000 से अधिक मजदूर काम कर रहे थे. मजदूर अपनी मांगों को लेकर गढ़वा से चलकर बोकारो स्टील प्लांट के प्रशासनिक भवन के समक्ष पहुंचकर खदान को खोलने की मांग करते हुए उचित राशि की मांग कर रहे थे.



