रांची: झारखंड हाईकोर्ट में रांची नगर निगम चुनाव कराने केलिए दायक याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हुई. इस दौरान अदालत ने जवाब दाखिल नहीं किए जाने से राज्य सरकार पर नाराजगी जताई. अदालत ने सरकार को तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है. साथ ही कहा है कि अगर तीन सप्ताह के अंदर सरकार जवाब नहीं देती है तो जुर्माना जाएंगे. विदित हो कि नगर निगम चुनाव कराने व चुनाव होने तक निवर्तमान पार्षदों को अवधि विस्तार देने के लिए अदालत में याचिका दायर की गयी है. (नीचे भी पढ़े)
हाई कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने इस मामले की सुनवाई की. याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता विनोद सिंह ने अपना पक्ष रखा. वहीं सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता सचिन कुमार और नगर निगम की ओर से अधिवक्ता प्रशांत सिंह ने बहस की. विदित हो कि रांची नगर निगम की निवर्तमान पार्षद रोशनी खालको,विनोद सिंह, सुनील यादव, अरुण झा समेत कईयों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. याचिका में निवर्तमान पार्षदों ने कहा कि नगर निगम के पार्षदों को कार्यकाल खत्म हो गया है. (नीचे भी पढ़े)
पांच साल का कार्यकाल पूरा होने से पहले ही सरकार को चुनाव कराना चाहिए, म्युनिसिपल एक्ट की धारा 20 में भी इसका जिक्र है. नगर निगम का चुनाव नहीं होने से कई काम प्रभावित हो रहे है. जनता से जुड़े काम अधिकारियों के जिम्मे सौंप दिए गए है. सरकार के इस फैसले से लोगों को काफी परेशानी हो रही है. हलांकि इस मामले में सरकार ने दो बार सेवा विस्तार का समय दे दिया है. लेकिन शीर्ष कोर्ट ने हिदायत दी थी कि सेवा विस्तार का काम दो बार किया जा सकता है. इसलिए सरकार इस मामले में कुछ नहीं कर सकती है, सरकार के भी हाथ बंधे हुए है.











