
रांची : आईएसएम, पुन्दाग, रांची के बिजनेस मैनेजमेंट और होटल मैनेजमेंट तथा सभी शिक्षकों के द्वारा “प्लास्टिक मुक्त कैंपस” अभियान चलाया गया. पूरे कैंपस से प्लास्टिक के सभी सामानों की सफाई की गयी. वहीं छात्र-छात्राओं ने नुक्कड़ नाटक के तहत अगल बगल के लोगों को प्लास्टिक न उपयोग करने के लिए कैंपेन किया. संस्थान के निदेशक डॉ गंगा प्रसाद सिंह ने कहा कि प्लास्टिक को वर्तमान स्थिति में सभी लोग अभिन्न अंग बना चुके हैं, परन्तु हम सभी को यह नहीं मालूम है कि व्यक्तिगत रूप पर और समाज को इससे कितनी हानि हो रही है. उन्होंने बताया कि प्लास्टिक विभिन्न तरह के हानिकारक केमिकल से बने होते है और वे सभी केमिकल उत्सर्जन के द्वारा वातावरण को दूषित करते हैं तथा हमारे भोज्य एवं पेय को भी दूषित करते हैं जिससे तरह-तरह के बीमारी से हम ग्रसित हो जाते हैं. उन्होंने कहा कि आज हम सभी संकल्प लें कि आज के बाद प्लास्टिक का उपयोग नहीं करेंगे. साथ ही एक-एक छात्र-छात्रा अपने आसपास 10 घरों को शिक्षित करेंगे कि प्लास्टिक के उपयोग से क्या-क्या बीमारिया हो सकती हैं.

इस अवसर पर संस्थान के सचिव टी. प्रसाद ने प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने के बारे में विस्तार से बताया. विभागाध्यक्ष डॉ सुशील कुमार ने बताया कि प्लास्टिक पर किसी बैक्टीरिया का अगले पांच सौ वर्षों तक कोई प्रभाव नहीं पड़ता, जिसके कारण लोगों और पर्यावरण को हानि होती है. इस अवसर पर विद्यार्थी सपना, प्रियरंजन, मोहित, संतोष चार छात्रों द्वारा नुक्कड़ नाटक के माध्यम से प्रदर्शित किया गया की प्लास्टिक उपयोग करने से क्या हो सकता है. नाटक के द्वारा लोगों को जागृत किया गया. संस्थान के छात्र राज सिंह,अनिषा, सोमना, प्रभावती, रवि, रितिका, प्रताप एवं अन्य छात्रों ने प्लास्टिक न उपयोग करने पर विशेष अभियान चलाया गया.



