
चाकुलिया : रांची में मुख्य सचिव डीके तिवारी के साथ बहरागोड़ा के विधायक कुणाल षडंगी ने मिलकर की बहरागोडा विधानसभा क्षेत्र की समस्याओं को लेकर चर्चा की. विधायक ने मुलाकात के दौरान बहरागोड़ा विधानसभा क्षेत्र की कई लंबित विभागीय परियोजनाओं पर अविलंब कार्रवाई करने का अनुरोध किया.
शिक्षा : बहरागोडा कॉलेज के स्नातक चौथे सेमेस्टर के छात्र छात्राओं की छात्रवृत्ति इस कारण नहीं मिल रही है कि उन्हें बोनाफईड सर्टिफिकेट नहीं दिया जा रहा है. विश्वविद्यालय की ओर से कहा जा रहा है कि सेशन लेट होने के कारण अब बोनाफाईड सर्टिफ़िकेट नहीं दिया जा सकता है. विश्वविद्यालय की गलती की सजा विद्यार्थियों को नहीं मिलनी चाहिए. बहरागोडा कॉलेज को मॉडल कॉलेज बनाने के लिए पंद्रह करोड़ रुपेय आवंटित हुए थे, जल्दी राशि निर्गत करवा कर टेंडर की प्रक्रिया की शुरुआत की जाए.
बिजली : बहरागोड़ा मे पॉवर ग्रिड डेढ़ साल से बनकर तैयार है लेकिन वन विभाग और इस योजना से जुड़े हुए अन्य सरकारी विभागों के लेटलतीफी के कारण अनापत्ति प्रमाण पत्र निर्गत नहीं हुआ है. आईएलएफएस कम्पनी के द्वारा बिजली विभाग का जो काम वहां आउटसोर्सिग के माध्यम से किया गया था उसमें दर्जनों स्थानीय संवेदकों का लाखों रुपया बक़ाया है और लोग भुखमरी के कगार पर है. बहुत जल्द आईएलएफएस के द्वारा किए गए कार्यों के भुगतान और बकाए समीक्षा हो और कम्पनी को बकाए राशि के अविलंब भुगतान के लिए नोटिस भेजा जाए.
कल्याण : विधायक ने कहा की कल्याण विभाग द्वारा अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़े वर्ग के विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति का आवेदन की अंतिम तिथि 24 सितंबर है, जबकि पूरे राज्य में अंचल कार्यालयों मे कर्मचारी हड़ताल पर है जिससे प्रमाण पत्र बन नही पा रहा हैं. तिथि को आगे बढ़ाया जाए.
पेय जल/जल संसाधन : उन्होंने कहा कि डीएमएफटी फंड से जिले की सैकड़ों पेय जल संबंधी डीप बोरिंग योजनाओं की भी टेंडर प्रक्रिया लंबित हैं जबकि कई गांवों पेयजल की समस्या से लोग परेशान हैं.
अनुंबधकर्मी : आंगनबाडी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की सीमा बढ़ाई जाए. आंदोलनरत आंगनबाड़ी कर्मियों की तबीयत बिगड़ रही है. अविलंब वार्ता कर पहल होनी चाहिए. न्यूनतम मज़दूरी से ज्यादा बढ़ाकर मानदेय दिया जाए. स्वयंसेवकों और किसान मित्रों के प्रोत्साहन राशि का भुगतान नियमित रूप से कराने का आदेश करें और मानदेय देने संबंधी प्रस्ताव पर विचार करना चाहिए.
आंदेलनकारी : विधायक ने मुख्य सचिव से अनुरोध किया कि सभी प्रखंडों से ग्राम सभा के माध्यम से सूचि मंगवाई गई थी. आयोग को चुनावी आचार संहिता लगने के पहले सूचि मे दर्ज सभी नामों को सरकारी प्रावधान के तहत सुविधाएं सुनिश्चित की जाये. मुख्य सचिव ने विधायक को आश्वस्त करते हुए कहा कि वे अगली विभागीय समीक्षा बैठक में उक्त विषयों पर पहल करेंगे.



