
जमशेदपुर : मध्यम एवं भारी वाहन तथा रेल के बियरिंग बनाने वाली टीमकेन इंडिया कंपनी में अब तक बोनस समझौता नहीं हो सका है। तिमकेन प्रबंधन व मान्यता प्राप्त यूनियन के बीच कल बोनस समझौता को लेकर वार्ता हुई, परंतु वार्ता विफल रही। जहां यूनियन अध्यक्ष आस्तिक महतो एवं महामंत्री गिरिवरधारी ने प्रबंधन के समक्ष 20 प्रतिशत बोनस देने के अपने पुराने मांग पर अड़ा रहा। वही प्रबंधन इस पर सहमत नहीं दिखा। प्रबंधन 18% बोनस देने की बात कहता रहा। यूनियन का कहना है कि 2018-19 में कंपनी के उत्पादन के साथ जबरदस्त लाभ मिला है। 224 करोड़ के लाभ के आधार पर 20% बोनस हर हाल में चाहिए। यहां संभावना यह बन रही है कि बिना बोनस समझौता के कंपनी प्रबंधन कर्मचारियों के खाते में पैसा भेज सकता है।



