जमशेदपुर : जमशेदपुर के साकची और डिमना रोड के बीच स्थित एमजीएम अस्पताल में लंबे समय से जमा पड़े स्क्रैप की नीलामी के लिए मंगलवार को निविदा खोली गई. अस्पताल प्रबंधन की ओर से जारी इस निविदा पर कुल 25 अभ्यर्थियों ने बोली लगाई थी. निर्धारित प्रक्रिया के तहत मंगलवार दोपहर बोली की संपूर्ण प्रक्रिया संपन्न हुई और सबसे अधिक 35 लाख 50 हजार रुपये की प्राप्त हुई बोली को अंतिम रूप दिया गया. नीलामी प्रक्रिया अस्पताल के अधीक्षक डॉ. आर.के. मंधान, उपाधीक्षक डॉ. नकुल चौधरी, नेशनल एजुकेशन प्रोजेक्ट (एनईपी) के डायरेक्टर सह एमजीएम अस्पताल के नोडल पदाधिकारी संतोष गर्ग, जिला लेखा पदाधिकारी और अस्पताल के विभिन्न विभागाध्यक्षों की उपस्थिति में पूरी की गई. पारदर्शिता बनाए रखते हुए सभी निविदा पत्रों को क्रमवार खोला गया तथा मूल्यांकन के बाद उच्चतम बोली को स्वीकृति प्रदान की गई. (नीचे भी पढ़ें)
अस्पताल प्रबंधन ने स्क्रैप नीलामी के लिए 15 लाख 51 हजार रुपये का आरक्षित मूल्य तय किया था, लेकिन इससे दोगुने से भी अधिक राशि पर बोली लगने से अस्पताल को महत्वपूर्ण राजस्व प्राप्त होगा, जिससे अन्य कार्यों में सहायता मिलेगी. प्रबंधन के अनुसार, पिछले कई वर्षों से यह स्क्रैप पुराने अस्पताल परिसर में जमा था और नये भवन निर्माण की प्रक्रिया में बाधा भी उत्पन्न कर रहा था. ज्ञात हो कि एमजीएम अस्पताल परिसर में कई महत्वपूर्ण इमारतों का निर्माण कार्य चल रहा है. ऐसे में लंबे समय से डंप पड़े लोहे, मशीनरी और अन्य अनुपयोगी सामग्रियों के कारण निर्माण एजेंसियों को काम करने में दिक्कतें आ रही थीं. निर्माण स्थल पर जगह की कमी के कारण मशीनों की आवाजाही भी प्रभावित हो रही थी. इसे ध्यान में रखते हुए उपायुक्त द्वारा भी अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिया गया था कि स्क्रैप को जल्द से जल्द हटाकर निर्माण प्रक्रिया को सुचारू किया जाए. अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि नीलामी पूरी होने के बाद चयनित बोलीदाता को निर्धारित समय सीमा में स्क्रैप हटाने की जिम्मेदारी दी जाएगी. स्क्रैप हटने के बाद निर्माण कार्य और भी तेज गति से आगे बढ़ सकेगा. प्रबंधन के अनुसार, इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता, प्रतिस्पर्धा और सरकारी दिशानिर्देशों का पूर्ण पालन किया गया है. अधिकारियों ने बताया कि अस्पताल परिसर को साफ-सुथरा और व्यवस्थित रखने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे मरीजों एवं आम लोगों को भी सुविधा मिलेगी.



