जमशेदपुर : 52 दिन बाद आज से मांगलिक कार्य शुरु होने जा रहे हैं. हिंदू धर्म में शुक्र ग्रह का विवाह से महत्वपूर्ण संबंध बताया गया है. ऐसी मान्यताएं हैं कि विवाह के मुहूर्त के लिए शुक्र को विवाह और ऐश्वर्य का प्रमुख कारक माना जाता है. इसके अस्त रहने के कारण 13 दिसंबर के बाद शादियों के आयोजन लगभग बंद हो गए थे. वर्ष 2026 में बुधवार से शहनाई की गूंज घरों में शुरू हो जाएगी और फरवरी में केवल 13 दिन ही विवाह के लग्न हैं. इसके बाद मार्च-अप्रैल तक विवाह कार्य चलेगा. वहीं 14 अप्रैल तक खरमास के कारण विवाह का मुहूर्त कम रहेगा. 17 मई से अधिक मास शुरू हो रहा है जो 20 जून तक चलेगा. (नीचे भी पढे़ं)
फरवरी में 13 दिनों का लग्न – विवाह को लेकर फरवरी में केवल 13 दिन ही लग्न है. इसमें 4, 5, 6, 8, 10, 12, 14, 19, 20, 21, 24, 25 और 26 फरवरी शामिल है.
मार्च – 2, 3, 4, 7, 8, 9, 11, 12
अप्रैल – 15, 20, 21, 25, 26, 27, 28, 29
मई – 1, 3, 5, 6, 7, 8, 13, 14
जून – 21, 22, 23, 24, 25, 26, 27, 29
जुलाई – 2, 6, 7, 11
अगस्त – चातुर्मास के कारण मुहूर्त नहीं रहेंगे.
नवंबर – 21, 24, 25, 26
दिसंबर – 1, 2, 3, 4, 5, 6, 11, 12
25 जुलाई से चातुर्मास – विवाह के शुभ मुहूर्त 7 जुलाई तक ही रहेंगे. 25 जुलाई को देवशयनी एकादशी के बाद चातुर्मास शुरू हो जाएगा. यह 21 नवंबर तक रहेगा. इस अवधि में विवाह और मांगलिक कार्य नहीं होंगे. फिर 21 नवंबर को देवउठनी एकादशी के बाद विवाहित कार्य प्रारंभ होगा.







