जमशेदपुर: जुगसलाई के विधायक मंगल कालिंदी ने कहा की अध्यक्ष महोदय, झारखण्ड विधान सभा के इस गरिमामय सदन में मैं झारखण्ड सरकार द्वारा प्रस्तुत आम बजट 2026-27 के पक्ष में कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग पर बोलने हेतु सदन का बहुमूल्य समय देने के लिए कोटि-कोटि धन्यवाद.सबसे पहले मैं, राज्य के युवा, कर्मठ, उदार हृदय माननीय मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन एवं अनुभवी वित्त मंत्री, राधाकृष्ण किशोर को धन्यवाद देना चाहूंगा जिन्होंने एक लाख, अन्ठावन हजार करोड़ का विशाल बजट राज्य की जनता के हित में पेश किया, जो कि माननीय मुख्यमंत्री के दूरगामी सोंच को दर्शाता है. महोदय, हमारी सरकार आम जनों की सरकार है. हमारे माननीय मुख्यमंत्री हर वर्ग के लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए कार्यों को करते है. महोदय, ये राज्य जहां आज हम सभी खड़े है, वह “श्रद्धेय दिशोम गुरू आदरणीय बाबा” स्व० शिबू सोरेन” जी की देन है. उनकी ही त्याग और बलिदान से यह राज्य हमें प्राप्त हुआ है.(नीचे भी पढ़े)
अध्यक्ष महोदय, वित्तीय वर्ष 2026-27 में कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग का कुल बजट- चार हजार आठ सौ चौरासी करोड़, एवं बीस लाख रूपये का है. कृषि के क्षेत्र में यह राशि यह दर्शाता है कि हमारे मुख्यमंत्री किसान भाईयों के हितों को लेकर कितने प्रतिबद्ध है. वित्तीय वर्ष 2026-27 में बंजर भूमि राईस फैलो उपयोजना एवं जल निधी उपयोजना के अन्तर्गत कुल- चार सौ पचहत्तर करोड़, पचास लाख रूपये का बजट प्रस्तावित है. महोदय,सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना कृषि समृद्धि योजना” जो कि सिंचाई के लिए उपयोग में लाये जा रहे जिवास्म ईंधन आधारित ऊर्जा श्रोत के स्थान पर “सौर ऊर्जा चालित” सिंचाई ईकाइयों का बढ़ावा देकर कृषि उत्पादन लागत को कम करने की लक्ष्य प्राप्ति के उद्देश्य से शुरू किया गया है. इस हेतु आगामी वित्तीय वर्ष में पचहत्तर करोड़ रूपये का बजटीय उपबंध किया गया है. खेती में कृषि यंत्रों के प्रयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “कृषि यंत्र वितरण योजना” अन्तर्गत “मिनी ट्रेक्टर”, पम्प सेट, पावर टिलर, रिपर इत्यादि का वितरण किया जा रहा है, जिसके लिए इस वित्तीय वर्ष में अस्सी करोड़ की राशि का प्रावधान किया गया है. राज्य को सुखाड़ की स्थिति से निपटने हेतु संचालित “झारखण्ड राज्य मिलेट मिशन” अन्तर्गत किसानों को लगातार आछादित किया जा रहा है. वित्तीय वर्ष 2025-26 में “झारखण्ड राज्य मिलेट मिशन” योजना अन्तर्गत लगभग पैसठ हजार किसानों का फसल सर्वेक्षण किया गया, जिसके पूर्ण होने के बाद किसानों को अनुदान के भुगतान की कार्रवाई की जायेगी.विधायक ने और कहा कि 21 तारीख, शनिवार को सदन में माननीय सदस्या नीरा यादव ने शिक्षा पर अपनी चिन्ता जता रही थी, मैं यह बताना चाहता हूं कि जब इनकी सरकार थी, तभी इन्होंने राज्य के हजारों स्कूलों को बन्द करने का काम किया ताकि गरीब-मजदूर का बच्चा अनपढ़ रहे.अपनी वाणी को विराम देता हूं. और कहना चाहता हूं कि ..एक दिन जी कर तो देखो जिंदगी किसान की कैसे वो मिट्टी से सजा देता है थालियां हिंदुस्तान की.



