जमशेदपुर : पर्यावरण संरक्षण और टाटा समूह के नेट जीरो 2045 लक्ष्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत करते हुए, टाटा स्टील यूआइएसएल ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जमशेदपुर और आसपास के क्षेत्रों में बड़े स्तर पर पौधा रोपण अभियान चलाया. इस अभियान के तहत 1,000 पौधे लगाए गए तथा 800 से अधिक पौधे सामाजिक संस्थाओं और टाटा समूह की विभिन्न कंपनियों को वितरित किए गए. (नीचे भी पढ़ें)

मुख्य पौधा रोपण कार्यक्रम सीआरएम बाड़ा डंप में आयोजित किया गया. यह स्थान पहले कचरा डंपिंग स्थल था, जिसे अब सफलतापूर्वक एक हरित क्षेत्र में बदल दिया गया है. लगभग 11 एकड़ क्षेत्र में फैले और करीब 30 मीटर ऊंचे इस स्थल पर वर्तमान में 28,000 से अधिक पौधे हैं, जिन्हें भविष्य में बढ़ाकर 50,000 से अधिक पौधों तक ले जाने की योजना है. इस अवसर पर 500 नए पौधे लगाए गए. कार्यक्रम में वन प्रमंडल पदाधिकारी सबा आलम अंसारी सहित टाटा स्टील और टाटा स्टील यूआइएसएल के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे. हरित पहल को आगे बढ़ाते हुए, टाटा स्टील यूआइएसएल की ई-बिलिंग पहल के तहत सरायकेला-खरसावां में 250 पौधे लगाए गए. इस कार्यक्रम में सरायकेला के उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह मुख्य रूप से उपस्थित रहे. (नीचे भी पढ़ें)

इसके अलावा बर्मामाइंस स्थित कॉम्बेई मिल्स और दुर्गापूजा मैदान में भी पौधा रोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें स्थानीय लोगों और अधिकारियों ने उत्साह पूर्वक भाग लिया. विश्व पर्यावरण दिवस की पूर्व संध्या पर कीनन स्टेडियम में भी पौधा रोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां 40 पौधे लगाए गए. इस अवसर पर झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय पदाधिकारी जितेंद्र प्रसाद सिंह उपस्थित रहे. अभियान के दौरान बकुल, करंज, नीम, महोगनी, सागवान (टीक) और बांस जैसे पौधे लगाए गए. ये अधिकांशतः सदाबहार प्रजातियां हैं, जो वातावरण से कार्बन अवशोषित करने, मिट्टी को मजबूत बनाने और जैव विविधता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं. इस पहल के माध्यम से टाटा स्टील यूआइएसएल क्षेत्र में हरित वातावरण को बढ़ावा देने और एक स्वच्छ, स्वस्थ एवं टिकाऊ भविष्य बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है.




