जमशेदपुर : जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल में जूनियर डॉक्टरों ने स्टाइपेंड (मानदेय) में बढ़ोतरी की मांग को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है. डॉक्टर काले बिल्ले लगाकर अपनी नाराजगी जताते हुए लंबे समय से लंबित अपनी मांगों पर ध्यान देने की अपील कर रहे हैं. प्रदर्शन कर रहे जूनियर डॉक्टरों का कहना है कि वे पिछले कई वर्षों से स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर स्वास्थ्य विभाग के शीर्ष अधिकारियों, स्वास्थ्य मंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र लिखते रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है. जूनियर डॉक्टर राघवेंद्र ने बताया कि झारखंड में मिलने वाला स्टाइपेंड अन्य राज्यों की तुलना में काफी कम है, जिससे डॉक्टरों में असंतोष बढ़ता जा रहा है. (नीचे भी पढ़ें)
उन्होंने कहा कि जहां पड़ोसी राज्यों में जूनियर डॉक्टरों को एक लाख रुपये या उससे अधिक का स्टाइपेंड दिया जा रहा है, वहीं झारखंड में उन्हें मात्र 58,000 रुपये ही मिलते हैं. इस असमानता को लेकर डॉक्टरों में गहरी नाराजगी है और वे इसे जल्द से जल्द दूर करने की मांग कर रहे हैं. जूनियर डॉक्टरों ने राज्य सरकार को 6 अप्रैल तक का अल्टीमेटम दिया है. उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर इस अवधि के भीतर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो पूरे राज्य के डॉक्टर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे. डॉक्टरों ने यह भी कहा कि यदि हड़ताल की नौबत आती है, तो इससे राज्य की स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित होंगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग की होगी.




