
जमशेदपुर : टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन एवं टाटा मोटर्स प्रबंधन के बीच बोनस समझौता एवं स्थायीकरण समझौता पर हस्ताक्षर हुआ. शाम 5:15 बजे से लेकर से 6:15 तक समझौता की प्रक्रिया चलायी गयी. प्रबंधन की ओर से प्लांट हेड विशाल बादशाह, आइआर के दीपक कुमार, मानस मिश्रा, अजीत राय, संजय सिन्हा, राजीव बंसल, एके दास एवं अन्य बड़े अधिकारी उपस्थित थे. यूनियन की ओर से अध्यक्ष गुरमीत सिंह एवं महामंत्री आरके सिंह के साथ-साथ सभी पदाधिकारी इस समझौता में सम्मिलित हुए. समझौता के तत्पश्चात यूनियन कार्यालय में उपस्थित भारी संख्या में कमिटी मेंबर एवं साधारण मजदूर को संबोधन महामंत्री आरके सिंह एवं अध्यक्ष गुरमित सिंह तोते ने कहा. महामंत्री आरके सिंह ने समझौता के बारे में बताते हुए कहा कि यह कोरोना काल में विपरीत परिस्थिति में जहां देश और दुनिया में लगातार नौकरियां जा रही है, उस परिस्थिति में प्रबंधन एक व्यक्ति को भी स्थायीकरण नहीं करने को तैयार थी, लेकिन लगातार सात से आठ वार्ता के बाद यूनियन ऑफिस में कमेटी मेंबरों के विचार आने के बाद डिवीजनवार बैठक करने के बाद प्रबंधन को यह समझ में आया.
यूनियन आमजनों की आम मजदूरों की बात कर रही है. यही मजदूर कंपनी को घाटा से निकालेगी. सारे चैलेंज को इन्हीं के सहारे पूरा करना है इसलिए 221 अस्थायी कर्मचारियों को स्थायीकरण किया गया.बोनस भी 10 फीसदी दिया गया है. बोनस की राशि 46001 की अधिकतम और 32900 औसतन मिलेगा. इसके साथ-साथ सुपर नेशन स्कीम के तहत आने वाले लोगों को 9700 रुपये का अनुदान मिलेगा. अध्यक्ष ने अपने वक्तव्य में बताया कि काफी कठिन था स्थायीकरण कराना. कंपनी एकदम तैयार नहीं थी, लेकिन मजदूरों की एकता यूनियन की एकता और धीरे-धीरे बात को आगे बढ़ाते हुए वे लोग 221 के आंकड़े पर पहुंचे हैं.

टीएमएसटी कंप्लीट करके जो बैठे हैं उनको भी दिसंबर से अप्रैल के बीच में स्थाई के रूप में ले लिया जाएगा. श्री तोते ने कहा कि आशा है कि स्थिति को समझते हुए इस समझौते को सभी मजदूर सहर्ष स्वीकार करेंगे. स्थाई होने वाले सभी साथियों को बहुत-बहुत बधाई एवं प्रबंधन को भी इस समझौते के लिए बधाई. अंत में धन्यवाद ज्ञापन एचएस सैनी ने किया भारी संख्या में अस्थाई मजदूरों ने भी आकर अध्यक्ष महामंत्री को बधाई दी.





