जमशेदपुर : स्वदेशी जागरण मंच द्वारा स्वदेशी के प्रचार-प्रसार हेतु पूरे देश में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है. इन कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग के प्रति जागरूक किया जा रहा है. इस क्रम में आंदोलन, रैली, विचार-वर्ग, सम्मेलन तथा स्वदेशी मेले जैसे आयोजन किए जाते हैं. साथ ही मिलेट्स (मोटे अनाज) के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए मंच निरंतर प्रयासरत है, ताकि प्रत्येक व्यक्ति स्वस्थ जीवन जी सके. इसी उद्देश्य से प्रतिवर्ष “श्री अन्न व्यंजन महोत्सव” का आयोजन किया जाता है. इसी क्रम में जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित स्थानीय स्वदेशी जागरण मंच कार्यालय में “श्री अन्न महोत्सव” का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में आभा महतो एवं मीरा मुंडा उपस्थित रहीं. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों के बीच मिलेट्स (मोटे अनाज) के उपयोग के प्रति जागरूकता फैलाना था. इस अवसर पर जमशेदपुर के विभिन्न क्षेत्रों से लगभग 35 महिलाओं ने भाग लिया. सभी प्रतिभागी महिलाएं रागी, ज्वार, बाजरा, सावां, मक्का, कोदो, चीना आदि अनाजों से बने विविध व्यंजनों के साथ उपस्थित हुईं. उन्होंने इन व्यंजनों के पोषण संबंधी लाभों की विस्तृत जानकारी भी साझा की. कार्यक्रम में स्वदेशी जागरण मंच के पदाधिकारी एवं सदस्य भी उपस्थित रहे. कार्यक्रम के दौरान मीरा मुंडा ने कहा कि मंच द्वारा लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए पोषक तत्वों से भरपूर मिलेट्स के सेवन के प्रति जागरूकता फैलाने का अभियान चलाया जा रहा है. (नीचे भी पढ़े)

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने विभिन्न संबोधनों में जन-जन के बेहतर पोषण और स्वास्थ्य के लिए मिलेट्स (ज्वार, बाजरा, रागी) को अपनाने पर जोर दिया है. इस अवसर पर आभा महतो ने कहा कि मोटे अनाज भारत की प्राचीनतम फसलों में से एक हैं, जिनके प्रमाण सिंधु घाटी सभ्यता में भी मिलते हैं. उन्होंने कहा कि आज भारतीय संस्कृति और भोजन को विदेशों में भी अपनाया जा रहा है. भारत को सशक्त और स्वस्थ बनाने में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है. उन्होंने स्वदेशी जागरण मंच से मोटे अनाज के प्रचार-प्रसार को और अधिक गति देने का आह्वान किया. स्वदेशी जागरण मंच के अखिल भारतीय पर्यावरण प्रमुख बंदेशंकर सिंह ने कहा कि हमारे देश की भूमि मोटे अनाज के उत्पादन के लिए अत्यंत उपजाऊ है और वर्तमान समय में विकसित देशों में भी इनकी मांग तेजी से बढ़ रही है. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए खादी ग्रामोद्योग के पूर्व सदस्य मनोज कुमार सिंह ने अन्न महोत्सव की विस्तृत जानकारी दी तथा मोटे अनाज के विशेष गुणों पर प्रकाश डाला. कार्यक्रम में विषय प्रवेश डॉ. अनिल राय ने किया, जबकि मंच संचालन पंकज कुमार सिंह ने किया. इस अवसर पर लगभग 35 महिलाओं द्वारा बनाए गए व्यंजनों का विवरण संगीता श्रीवास्तव ने प्रस्तुत किया तथा धन्यवाद ज्ञापन जिला संयोजक श्रीमती राजपति देवी ने किया. कार्यक्रम में जटाशंकर पांडे, श्रीमती मंजू ठाकुर, अमित मिश्रा, सरोज सिन्हा, आशा सिंह, ममता सिंह, जे.के.एम. राजू, संजीत सिंह, के.पी. चौधरी, आभा कुमारी, रजनी ठाकुर, अंजू सिंह, नीतु सिंह, जे. हेमा, किरणजीत कौर, शारदा सिंह, दुर्गा सैनी, कंचन सिंह, चंदना रानी, प्राची, स्मिता, शकुंतला देवी, सुशीला नायर, कविता जेना, राजाराम, अभिषेक बजाज, संजीत प्रमाणिक, मनोज सखुजा, रमेश कुमार सहित बड़ी संख्या में स्वदेशी समर्थक उपस्थित थे.


