सरायकेला:झारखंड में नगर निकाय चुनाव को लेकर झारखंड हाई कोर्ट के निर्देश पर भले आनन-फानन में ओबीसी आरक्षण का रोस्टर जारी कर दिया गया है, मगर निर्वाचन आयोग के रोस्टर पर सवाल उठने लगे हैं. इधर निकाय चुनाव को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है. यहां हम बात कर रहे हैं सरायकेला नगर पंचायत की. जहां पूर्व उपाध्यक्ष मनोज चौधरी द्वारा नगर पंचायत को दी गयी धमकी के बाद सरायकेला विधानसभा के विधायक प्रतिनिधि और भाजपा नेता सनंद कुमार आचार्य ने चुटकी लेते हुए उनके बयान पर आपत्ति जताई है. दरअसल मनोज चौधरी ने शुक्रवार को एक बयान जारी करते हुए नगर पंचायत क्षेत्र स्थित अखडा साल श्मशान घाट तक जाने वाले सड़क जो काफी जर्जर अवस्था में है. साथ ही इस मार्ग पर गंदगी का अंबार लगा हुआ है. (नीचे भी पढ़े)
यहां लोग शव के दाह संस्कार करने जाना नहीं चाहते. इसके निर्माण को लेकर नगर पंचायत के पदाधिकारी को उन्होंने धमकी दी है जिसमें उन्होंने कहा है कि यदि अविलंब सड़क का निर्माण और गंदगी से मुक्त नहीं कराया गया तो वह आंदोलन का रुख अख्तियार करेंगे. इधर मनोज चौधरी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सनंद कुमार आचार्य ने कहा कि पूर्व के जन प्रतिनिधियों को ध्यान में रखना चाहिए कि उक्त सड़क निर्माण किसके द्वारा कराया जा रहा है. उन्होंने कहा कि भैंस के आगे बीन बजाने से क्या फायदा. इसके लिए पूर्व उपाध्यक्ष को उचित फोरम पर जाकर अपनी बातों को रखना चाहिए. न की उलूल जलूल बयान देना चाहिए, इससे पार्टी के साथ साथ उनकी भी प्रतिष्ठा धूमिल होती है. उन्होंने सलाह देते हुए कहा कि इस तरह का बयान शोभा नहीं देता. विदित हो कि मनोज चौधरी भी भाजपा नेता हैं. चुनाव से पहले एक म्यान में दो तलवार आपस में टकरा रहे हैं जो कहीं ना कहीं सरायकेला की राजनीति को गर्म कर रहा है. अब देखना यह दिलचस्प होगा कि राजनीति के दो धुरंधरों के बीच खींचे इस तलवार का चोट किस पर पड़ता है और कौन घायल होता है.



