जमशेदपुर : जमशेदपुर के सिदगोड़ा स्थित सूर्य मंदिर समिति द्वारा पवित्र श्रावण माह के तृतीय सोमवारी पर जलाभिषेक यात्रा पूरे धूमधाम, भक्तिभाव एवं भव्यता के साथ सम्पन्न हुई. यात्रा में हजारों श्रद्धालुओं ने बारीडीह हरि मंदिर मैदान से सुल्तानगंज के उत्तरवाहिनी गंगा के पवित्र गंगाजल को लेकर भक्तिमय संगीत, मनोरम झांकी, घोड़े, बैंड-बाजा और पुष्पवर्षा के बीच पैदल यात्रा कर सूर्यधाम शिवालय में जलाभिषेक कर आशीष प्राप्त किया. इस दौरान राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री एवं सूर्य मंदिर समिति के मुख्य संरक्षक रघुवर दास करीब पांच किलोमीटर नंगे पाव पैदल यात्रा कर सूर्यधाम शिवालय में बाबा भोलेनाथ को जलार्पण किया. इस दौरान उन्होंने जमशेदपुर समेत सम्पूर्ण झारखंडवासियों के सुख-समृद्धि, उन्नति एवं खुशहाली की कामना की. जलाभिषेक यात्रा में जमशेदपुर पूर्वी के विधायक पूर्णिमा साहू, मंदिर समिति के संरक्षक चंद्रगुप्त सिंह, मंदिर समिति के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह भी शामिल रहे. इससे पहले, बारीडीह हरि मंदिर मैदान में 11 सदस्यीय पंडितों के समूह द्वारा पवित्र गंगाजल के जलाभिषेक का संकल्प कराया गया. (नीचे भी पढ़ें)

यात्रा में शामिल महिलाओं ने गेरुवा वस्त्र तो पुरुषों ने गेरुवा गमछा के साथ हाथों में केसरिया ध्वज लेकर यात्रा की शोभा बढ़ायी. प्रातः काल से ही बारीडीह हरि मंदिर मैदान में हर हर महादेव, बोल बम के जयघोष सुनाई देने लगे थे. हजारों की संख्या में कतारबद्ध महिलाएं, बुर्जुग, बच्चे बाबा भोलेनाथ के शीघ्र दर्शन को उत्साहित थे. भारी भीड़ को देखते हुए सूर्य मंदिर समिति द्वारा पूरे यात्रा को बैरिकेडिंग कर व्यवस्थित रूप दिया गया था. श्रद्धालुओं को कोई परेशानी ना हो इसके लिए मंदिर परिसर के अंदर और बाहर में बड़े पंखे, कुलर और पूरे रास्ते में जगह-जगह शीतल पेय की व्यवस्था की गई थी. जलाभिषेक यात्रा के दौरान कई स्थानों पर की गई सुंदर पुष्पवर्षा श्रद्धालुओं को उत्साहित कर रही थी. (नीचे भी पढ़ें)

प्रातः 8:30 बजे से दोपहर तक श्रद्धालुओं ने बाबा बैधनाथ धाम की तर्ज पर बने अरघा के माध्यम से भोलेनाथ का जलाभिषेक किया. जलाभिषेक यात्रा में श्रद्धालुओं के व्यवस्थित जलार्पण एवं सहयोग हेतु 200 सूर्यधाम सेवक के संग प्रशासन की ओर से पुलिस बल की तैनाती की गई थी. वहीं, यात्रा में एम्बुलेंस के साथ हेल्प क्रॉस सोसायटी की ओर से मेडिकल सहायता कैम्प लगाए गए थे. जहां टीएमएच के चिकित्सकों ने अपनी सेवाएं दी. जलाभिषेक यात्रा में शामिल रहे पूर्व मुख्यमंत्री सह सूर्य मंदिर समिति के मुख्य संरक्षक रघुवर दास ने लौहनगरी के समस्त श्रद्धालुओं को तृतीय सोमवारी की शुभकामनाएं दीं और यात्रा को सफल और भव्य बनाने में मातृशक्ति की विशेष भूमिका के लिए देवी स्वरूपा नारी शक्ति के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि सूर्यधाम की जलाभिषेक यात्रा में आध्यात्म, आस्था, भक्ति और सामाजिक एकता का ऐसा अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसे शब्दों में समेटना संभव नहीं है. पिछले 19 वर्षों से अनवरत आयोजित हो रही इस पावन यात्रा में हजारों माताओं-बहनों, पुरुषों और युवाओं द्वारा लगाए जा रहे ‘बोल बम’ के जयघोष ने पूरे वातावरण को शिवमय कर दिया. श्रद्धालुओं के उत्साह, उमंग और भक्तिभाव से प्रवाहित हुआ यह भक्तिरस अत्यंत अद्भुत, दिव्य और अविस्मरणीय रहा. उन्होंने सुल्तानगंज से लाए गए पवित्र गंगाजल से बाबा भोलेनाथ के जलाभिषेक की मंदिर समिति द्वारा की गई व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि लौहनगरी में रहने वाले ऐसे अनेक धर्मप्रेमी श्रद्धालु, जो स्वयं सुल्तानगंज जाकर गंगाजल से बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक नहीं कर पाते हैं, उनके लिए यह पहल अत्यंत सराहनीय और सफल रही है. पवित्र गंगाजल से बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक करने की यह व्यवस्था श्रद्धालुओं की आस्था को और अधिक मजबूती प्रदान करती है. उन्होंने जलाभिषेक यात्रा को सफल बनाने में सूर्य मंदिर समिति, भाजपा कार्यकर्ता एवं सामाजिक संस्था समेत सहयोग करने वाले सभी श्रद्धालुओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की. (नीचे भी पढ़ें)

साथ ही, उन्होंने कहा कि शिव की भक्ति में ही शक्ति है और भगवान भोलेनाथ की आराधना हमें एकता, सेवा, समर्पण और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश देती है. आज की जलाभिषेक यात्रा इसी श्रद्धा, भक्तिभाव और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत रही. वहीं, सूर्य मंदिर समिति के संरक्षक चंद्रगुप्त सिंह ने जलाभिषेक यात्रा में शामिल होने वाले सभी श्रद्धालुओं के प्रति आभार जताते हुए कहा कि सूर्यधाम में उमड़े श्रद्धालुओं के सैलाब ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया. उन्होंने कहा कि जलाभिषेक यात्रा प्रत्येक वर्ष और भव्य रूप में सम्पन्न हो रहा है. क्षेत्र में आध्यत्मिक चेतना का प्रबल होना, शहर के लिए उत्साह की बात है. उन्होंने कहा कि सूर्य मंदिर समिति आगामी दिनों मेंबर भी सामाजिक, धार्मिक कार्यों को इसी ऊर्जा के साथ जारी रखेगी. 15 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किया प्रसाद ग्रहण: जलाभिषेक के पश्चात 15 हजार से अधिक श्रद्धलुओं ने प्रसाद ग्रहण किया. मंदिर समिति की ओर से सोन मंडप परिसर में प्रसाद वितरण की व्यवस्था की गई थी. जिसमें 20 काउंटर पर प्रसाद तो 15 काउंटर पर पानी की व्यवस्था थी. (नीचे भी पढ़ें)

महिलाओं के लिए अलग काउंटर पर प्रसाद की व्यवस्था की गयी थी. प्रसाद के रूप में पूरी, आलू-चना की सब्जी, पुलाव, दाल एवं खीर परोसा गया. जलाभिषेक यात्रा में मंदिर समिति के संरक्षक चंद्रगुप्त सिंह, लक्ष्मीकांत सिंह, महासचिव अखिलेश चौधरी, आयोजन के प्रभारी कमलेश सिंह, संजीव सिंह, अमरजीत सिंह राजा, सुशांत पांडा, शैलेश गुप्ता, रूबी झा, शशिकांत सिंह, बोलटू सरकार, बंटी अग्रवाल, कंचन दत्ता, प्रेम झा, प्रमोद मिश्रा, मिथिलेश सिंह यादव, देवेंद्र सिंह, रामबाबू तिवारी, दिनेश कुमार, गुंजन यादव, पवन अग्रवाल, राकेश सिंह, कुलवंत सिंह बंटी, टुनटुन सिंह, बबुआ सिंह, खेमलाल चौधरी, महेंद्र यादव, कल्याणी शरण, अमित अग्रवाल, पप्पू उपाध्याय, कुमार अभिषेक, रंजीत सिंह, रितेश झा, विकास शर्मा, युवराज सिंह सिंह, बापन बनर्जी, प्रोबिर चटर्जी राणा, श्रीराम प्रसाद, बबलू गोप, रॉकी सिंह, हेमंत सिंह, रमेश नाग, अभिमन्यु सिंह चौहान, मिथिलेश साव, अशोक सामंत, हरेराम यादव, अमिश अग्रवाल, कुमार संदेश, शिंदे सिंह, सन्नी सिंह चौहान, श्रीनू राव, सुधा यादव, उर्मिला दास, बिमला साहू, संजना साहू, शीलू साहू, रूपा देवी, मधु तांती, मीरा झा, प्रभा देवी, तृप्ति दास, लक्खी कौर, सुनीता यादव, प्रमिला साहू, रामदुलारी देवी, लक्ष्मी यादव, पार्वती जायसवाल, हेमा साहू, सीमा दास, महावीर सिंह, अरुण मिश्रा, साकेत कुमार, रमेश पांडेय समेत सैकड़ों अन्य कार्यकर्ताओं का सराहनीय योगदान रहा.




