जमशेदपुर : जमशेदपुर में टाटा स्टील द्वारा प्रदूषण फैलाए जाने के मामले में टाटा स्टील ने अपना पक्ष रखा है. टाटा स्टील के के कॉरपोरेट कम्युनिकेशन सर्वेश कुमार ने कहा है कि उस खबर में टाटा स्टील पर आसपास की बस्तियों में खतरनाक धूल प्रदूषण फैलाने का आरोप लगाया गया है. टाटा स्टील की ओर से या स्पष्ट किया गया है कि टाटा स्टील उक्त स्थान पर अपने संचालन में पर्यावरणीय नियमों और सस्टेनेबिलिटी प्रतिबद्धताओं का कड़ाई से पालन करती है. इस बात पर ध्यान देना महत्वपूर्ण है कि रिपोर्ट में उल्लिखित स्टीम एजिंग पिट 2 वर्तमान में बंद है. इसलिए, इस स्थान से होने वाले किसी भी तरह के खतरनाक उत्सर्जन का दावा निराधार है. (नीचे भी पढे)
टाटा स्टील ने प्रभावी धूल नियंत्रण उपाय लागू किए हैं, जिनमें स्टीम एजिंग पिट पर मटेरियल को ढकना, भंडारण क्षेत्र में नियमित जल छिड़काव, संचालन से पहले मटेरियल को गीला करना और मिस्ट कैनन का निरंतर उपयोग शामिल है. इसके अलावा, वायु गुणवत्ता नियंत्रण को और प्रभावी बनाने के हमारे निरंतर प्रयासों के तहत, हमने अत्याधुनिक मशीनरी स्थापित की है, जिससे पर्यावरणीय सुरक्षा उपाय और मजबूत हुए हैं. साथ ही, स्टीम एजिंग स्थल की सीमा पर छह मीटर ऊंची हरित दीवार (ग्रीन कर्टन) लगाने की योजना भी बनाई गई है, जिससे धूल के प्रसार को न्यूनतम किया जा सके. टाटा स्टील पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के प्रति अडिग है और स्टील मेकिंग में सस्टेनेबिलिटी को बढ़ाने के लिए लगातार नवीनतम तकनीकों में निवेश कर रही है. इन तथ्यों के मद्देनजर, हम अनुरोध करते हैं कि इस स्पष्टीकरण को प्रकाशित किया जाए, ताकि सभी हितधारकों को विषय की सही और संतुलित जानकारी मिल सके और किसी भी तरह की भ्रांतियां दूर हो सकें.



