रामगोपाल जेना/चक्रधरपुर : स्थानीय सेक्रेड हार्ट इंग्लिश स्कूल में रंगों का त्योहार बड़ी धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया. स्कूल की प्रधानाध्यापिका एंजेलिना फर्नांडो ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि होली एक ऐसा रंग-बिरंगा त्योहार है, जिसे हर धर्म के लोग पूरे उत्साह और मस्ती के साथ मनाते हैं. प्यार भरे रंगों से सजा यह पर्व हर धर्म, संप्रदाय, जाति के बंधन खोलकर भाईचारे का संदेश देता है. इस दिन सारे लोग अपने पुराने गिले-शिकवे भूल कर गले लगते हैं और एक-दूजे को गुलाल लगाते हैं. बच्चे और युवा रंगों से खेलते हैं. होली के साथ अनेक कथाएं जुड़ीं हैं. होली मनाने के एक रात पहले होलिका दहन किया जाता है. (नीचे भी पढ़ें)

भक्त प्रह्लाद के पिता हिरण्यकश्यप स्वयं को भगवान मानते थे. वह विष्णु के विरोधी थे जबकि प्रह्लाद विष्णु-भक्त थे. उन्होंने प्रह्लाद को विष्णु भक्ति करने से रोका, लेकिन जब वह नहीं माने तो उन्होंने प्रह्लाद को मारने का प्रयास किया. प्रह्लाद के पिता ने आखिर अपनी बहन होलिका से मदद मांगी. होलिका को आग में न जलने का वरदान प्राप्त था. होलिका अपने भाई की सहायता करने के लिए तैयार हो गई. होलिका प्रह्लाद को लेकर चिता में जा बैठी, परन्तु विष्णु की कृपा से प्रह्लाद सुरक्षित रहे और होलिका जल कर भस्म हो गई. यह कथा इस बात का संकेत करती है कि बुराई पर अच्छाई की जीत अवश्य होती है. यह त्योहार रंगों का त्योहार है. हमारे जीवन में रंगों का बहुत महत्व है. (नीचे भी पढ़ें)
इस दिन लोग प्रात:काल उठकर रंगों को लेकर अपने नाते-रिश्तेदारों व मित्रों के घर जाते हैं और उनके साथ जमकर होली खेलते हैं. बच्चों के लिए तो यह त्योहार विशेष महत्व रखता है. वह एक दिन पहले से ही बाजार से अपने लिए तरह-तरह की पिचकारियां व गुब्बारे लाते हैं. बच्चे गुब्बारों व पिचकारी से अपने मित्रों के साथ होली का आनंद उठाते हैं. उन्होंने सभी को होली की बधाई दी. उन्होंने बच्चों को सुरक्षित वातावरण में रंगों का त्योहार, हुड़दंग का त्योहार होली मनाइए.



