रामगोपाल जेना/चाईबासा : झारखंड में राज्य सरकार के संरक्षण में संविधान को रौंदने की साजिश चल रही है. सरकार के मंत्री, जिन पर संविधान की रक्षा की जिम्मेवारी होती है, वही अब खुलेआम मंचों से शरियत को संविधान से ऊपर बताकर देश की जड़ें खोदने का प्रयास कर रहे हैं. राज्य के मंत्री हफीजुल हसन का इस संबंध में बयान न केवल शर्मनाक, बल्कि सीधे-सीधे देश की संप्रभुता और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर हमला है. मंत्री हफीजुल हसन के संविधान संबंधी बयान पर उक्त प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व सीएम मधु कोड़ा ने कहा, ‘जो मंत्री शपथ लेकर संविधान की रक्षा की जिम्मेवारी लेते हैं, वे ही अब उसे पैरों तले रौंद रहे हैं. यह सीधे-सीधे राष्ट्रद्रोह है. उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार या तो संविधान के साथ खड़ी हो या इन कट्टरपंथियों का खुला समर्थन करे. दोहरा चरित्र अब नहीं चलेगा.’ वे शनिवार को इस मामले को लेकर उपायुक्त कार्यालय पर पार्टी की ओर से आयोजित धरना प्रदर्शन को संबोधित कर रहे थे. (नीचे भी पढ़ें)

पूर्व सांसद गीता कोड़ा ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि “झारखंड और बंगाल में बहुसंख्यक समाज को योजनाबद्ध तरीके से अपमानित और प्रताड़ित किया जा रहा है. रामनवमी, होली जैसे त्योहारों पर पत्थरबाजी और हमले तुष्टिकरण की देन हैं. क्या बहुसंख्यकों के धार्मिक अधिकार अब सरकार की नजर में कोई मायने नहीं रखते? अगर सरकार को सत्ता प्यारी है, तो उसे हिंदुओं की आस्था का सम्मान करना सीखना होगा, वरना जन आक्रोश का सामना करने के लिए तैयार रहे.” (नीचे भी पढ़ें)

पार्टी नेता अनूप सुल्तानिया ने कहा कि समाज को बांटने की साजिश करनेवालों को अब बख्शा नहीं जाएगा. भाजपा सड़क से संसद तक इस मानसिकता का विरोध करेगी.” इसी प्रकार रामानुज शर्मा, गीता बलमुचु, जगदीश पाटपिंगुआ, मनोज लेयांगी, सतीश पुरी, हेमंत केसरी आदि अनेक पार्टी नेताओं ने मंत्री हफीजुल हसन के बयान को लेकर उनकी निंदा करते हुए कहा कि इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. (नीचे भी पढ़ें)
भाजपा जिला अध्यक्ष संजय पांडे की अध्यक्षता में पुराने उपायुक्त कार्यालय के समक्ष भारी संख्या में कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन किया. इस दौरान पूर्व मंत्री बड़कुंवर गगराई, महामंत्री प्रताप कटियार सहित अनेक वरिष्ठ नेताओं ने राज्यपाल के नाम उपायुक्त को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें मंत्री हफीजुल हसन को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की गई है. धरना प्रदर्शन में रंजन प्रसाद, मुकेश सिंह, रवि शंकर विश्वकर्मा, पवन शर्मा, अनंत सयनम, रूपा दास, मृदुला निषाद, हेमंन्ती विश्वकर्मा, प्रसन्न बिरुआ, गुणांन देवगम, पप्पू महतो, अनिल दास, अक्षय खत्री, दिलीप साव, जूली खत्री, सन्नी पासवान, अनु विश्वकर्मा, जितेंद्र ओझा, तरुण सवैयां, जगदीश निषाद, हर्ष रवानी, नीरज पांडे, अशोक तुम्बिल, डमरूधर बारिक, अशोक पिलवा सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे.



