जमशेदपुर : टाटा स्टील के जमशेदपुर प्लांट की अत्याधुनिक कोल्ड रोलिंग मिल (सीआरएम) का उद्घाटन 24 अप्रैल 2000 को जमशेदपुर में टाटा स्टील के चेयरमैन रतन टाटा द्वारा किया गया था. महज 26 महीने और 15 दिनों के रिकॉर्ड समय में स्थापित इस 1.2 मिलियन टन वार्षिक उत्पादन क्षमता वाली इकाई का निर्माण जापान की विश्वविख्यात इस्पात कंपनी निप्पॉन स्टील कॉर्पोरेशन और हिताची कॉर्पोरेशन लिमिटेड के तकनीकी सहयोग से किया गया. इस तरह यह प्लांट के 25 साल पूरे हो गये है. इस प्लांट के उदघाटन के मौके पर रतन टाटा चेयरमैन के पद पर थे जबकि तत्कालीन एमडी डॉ जेजे ईरानी थे. बिहार औद्योगिक विकास निगम के चेयरमैन आइएएस जीएस कंग ने इसका उदघाटन किया था. यह अत्याधुनिक प्लांट में से एक उस वक्त था. सीआरएम ने उच्च गुणवत्ता वाले कोल्ड रोल्ड और कोटेड उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला का उत्पादन किया, जिसे ऑटोमोबाइल और कंस्ट्रक्शन उद्योगों की विविध और विशिष्ट जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया था. (नीचे भी पढ़ें)
इसके अलावा, ये उत्पाद घरेलू उपकरणों, फर्नीचर और सामान्य इंजीनियरिंग अनुप्रयोगों में भी व्यापक रूप से उपयोग किए जाते हैं. संयंत्र की रिकॉर्ड समय में सफल स्थापना में जापानी और अन्य अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों की अहम भूमिका की सराहना करते हुए रतन टाटा ने कहा था कि सीआरएम की परिकल्पना केवल इस्पात उद्योग की बढ़ती और विविध आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए नहीं की गई थी, बल्कि यह टाटा परिवार की उस दूरदर्शिता का भी प्रतीक है, जिसमें वे आधुनिक भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदार बनना चाहते थे. इस प्लांट में पहली बार एसोसिएट्स सिस्टम को लागू किया गया था. कर्मचारियों का नया ग्रेड का इजाद इसी प्लांट से हुआ था. इस कारण सीआरएम की स्थापना ने टाटा स्टील की भूमिका को नये रुप में बदला था. इसी प्लांट ने गुणवत्ता को बेहतर किया था और वर्क कल्चर की स्थापना की थी. उस वक्त बुरे वक्त से कंपनी गुजरने के बाद फिर से उठने का प्रयास कर रही थी.



