जमशेदपुर : टाटा स्टील के कर्मचारियों को टैक्स का लाभ पहुंचाने को लेकर कंपनी की ओर से पुराने और नये व्यवस्था में कर्मचारियों को ट्रांस्फर करने की प्रक्रिया चल रही है. इसके तहत टाटा स्टील के चीफ रेवेन्यू एकाउंट व इंप्लाइज बेनीफिट अवनिश अरुण ने एक सरकुलर जारी कर कर्मचारियों को जानकारी दी है कि नये वित्तीय वर्ष से सैलेरी टैक्स पेयर कर्मचारियों को इनकम टैक्स एक्ट के तहत टैक्स की एक व्यवस्था का चयन करना अनिवार्य है. यह बताया गया है कि वैसे कर्मचारी जो पहले से पुराने टैक्स व्यवस्था में है. (नीचे भी पढ़ें)
उनका अध्ययन कंपनी की ओर से की जायेगी. अगर कर्मचारियों को नये टैक्स व्यवस्था में लाभ होगा तो नया टैक्स व्यवस्था में शिफ्ट कर दिया जायेगा और अगर पुराने टैक्स व्यवस्था में किसी कर्मचारी को लाभ होगा तो उसको पुराने ही टैक्स व्यवस्था में रखा जायेगा. अगर किसी भी कर्मचारी को अप्रैल माह के सैलेरी पेमेंट के समय कोई नुकसान दिखता है और कर्मचारी को पुराना या नया टैक्स व्यवस्था ही ठीक लगता है तो वैसे कर्मचारी फियोरी पोर्टर के माध्यम से 3 से 25 मई तक अपना आवेदन देकर अपनी टैक्स व्यवस्था को बदल सकते है. टैक्स की नयी व्यवस्था और पुरानी व्यवस्था को इंप्लाइज अपने टैक्स के कैल्कुलेशन के जरिये अध्ययन कर सकते है.



