जमशेदपुर : जमशेदपुर स्थित दिव्य ज्योति नेत्रहीन विद्यालय का नवम वार्षिकोत्सव रविवार को कदमा शास्त्रीनगर जोन नंबर 4, छठ घाट के निकट स्थित विद्यालय परिसर में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया. इस अवसर पर राज्य के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन मुख्य अतिथि थे. उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान करने वाले 15 प्रतिभाशाली दिव्यांग जन को “दिव्यांग प्रतिभा सम्मान” से सम्मानित किया. (नीचे भी पढ़ें)
सम्मान प्राप्त करनेवाले दिव्यांगों ने रोजगार, स्वरोजगार, शिक्षा, सामाजिक सेवा एवं दिव्यांगों के अधिकार के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर यह सिद्ध किया है कि चुनौती कोई बाधा नहीं, बल्कि अवसर हो सकती है. इन सम्मानित व्यक्तियों में कुमारी निकिता, बलबीर कौर, कृष्णदेव भट्टाचार्य, आदित्य सिंह, पी संजना कुमारी, रणजीत सिंह, डीके महतो, चंदन कुमार सिंह, नंदन कुमार सिंह, सीमा कुमारी, सोनाली पाल तथा राष्ट्रीय दृष्टिहीन संघ (झारखंड) सहित कुल 15 प्रेरणादायक नाम शामिल रहे. (नीचे भी पढ़ें)
मुख्य अतिथि श्री रामदास सोरेन ने अपने संबोधन में कहा, कि दिव्यांग जन समाज की बहुमूल्य संपत्ति हैं. यदि उन्हें समान अवसर और उचित मंच मिले, तो वे असाधारण उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं. सरकार दिव्यांग जन के अधिकारों एवं उनके सशक्तीकरण के लिए कृतसंकल्प है. दिव्यांग बच्चों की शिक्षा के लिए हम तत्पर हैं और विशेष शिक्षकों की नियुक्ति के लिए राज्य सरकार तेजी से कार्य कर रही है. जल्द ही दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष शिक्षक नियुक्त किए जाएंगे. इस अवसर पर समाजसेवी पूर्वी घोष भी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं. 2016 से इस संस्था से जुड़ी हैं और मदद करती आ रही हैं. उन्होंने कहा कि “दिव्यांगजन को प्रोत्साहित कर समाज को समावेशी दिशा में आगे ले जाया जा सकता है. ऐसे कार्यक्रम उनमें आत्मविश्वास बढ़ाते हैं और समाज को एक नई दृष्टि प्रदान करते हैं. विद्यालय की संस्थापक सचिव रिमा भट्टाचार्य ने कहा कि दिव्य ज्योति नेत्रहीन विद्यालय दृष्टि-बाधित बच्चों को न केवल शिक्षा प्रदान कर रहा है, बल्कि उनके समग्र विकास, आत्मनिर्भरता और समाज में सम्मानजनक स्थान दिलाने के लिए भी निरंतर प्रयासरत है. उन्होंने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और सहयोगियों का आभार जताया.











