जमशेदपुर : सिंहभूम चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के प्रतिनिधिमंडल ने रांची में राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर से मुलाकात कर उन्हें प्रोफेशनल टैक्स के सरलीकरण, जमशेदपुर डिवीजन के चार सर्किलों में उच्चाधिकारियों की जल्द नियुक्ति एवं जीएसटी लागू होने के बाद राज्य में कार्य संवेदकों को इसके अनुसार भुगतान नहीं किये जाने का मुद्दा उठाया. महासचिव मानव केड़िया ने वित्तमंत्री के समक्ष मुद्दा उठाते हुए राज्य कर विभाग में रिक्त पड़े सैकड़ों पदों की ओर उनका ध्यान आकर्षित कराते हुए जमशेदपुर डिवीजन के पांचों सर्किलों में से केवल जमशेदपुर में अंचल अधिकारी होने की ओर आकर्षित कराया. उन्होंने कहा कि पद खाली रहने के कारण झारखण्ड सरकार की ओर से विगतच दिनों उत्पादकों एवं माइंस मालिकों के लिये डीजल पर वैट की दर कम करने की अधिसूचना जारी की गई थी, जिसके लिए ऐसे व्यवसायियों को अंचल अधिकारियों की ओर से अनापत्ति प्रमाण पत्र निर्गत किये जाने हैं, किन्तु अंचल अधिकारी के नहीं होने के कारण उक्त अधिसूचना का लाभ व्यवसायियों को नहीं मिल पा रहा है. यही नहीं, सरकार का राजस्व संग्रहण भी प्रभावित हो रहा है. इससे प्रशासनीय व अपीलीय कार्यों के संचालन में भी कठिनाई हो रही है. विभाग में वैट के अंतर्गत रजिस्ट्रेशन एवं रिफंड नहीं हो पा रहा है. (नीचे भी पढ़ें)

उपाध्यक्ष राजीव अग्रवाल ने मंत्री से कहा कि राज्य सरकार द्वारा विगत 01.07.2017 को नया जीएसटी कानून लागू होने के कारण, कार्य संवेदकों को 01.07.2017 से पूर्व में लिये गये ठेकों पर जीएसटी के मद में अतिरिक्त भुगतान झारखण्ड सरकार द्वारा नहीं की जा रही है. इससे संवदकों को वित्तीय समस्याएं झेलनी पड़ रही हैं, जबकि झारखण्ड हाई कोर्ट ने 2022 में सरकार को नियमों में संशोधन कर जल्द निर्णय लेने का आदेश दिया था. उन्होंने बताया कि दूसरे राज्यों ने इसपर काम शुरू हो गया है, लेकिन झारखंड में अबतक काम शुरू भी नहीं हुआ. सरकार को इस पर त्वरित निर्णय लिया जाना चाहिए. (नीचे भी पढ़ें)
अनिल रिंगसिया ने मंत्री राधाकृष्ण किशोर का ध्यान प्रोफेशनल टैक्स रजिस्टेªशन की ओर आकृष्ट कराते हुए बताया कि राज्य में फिलहाल प्रोफेशनल टैक्स का रजिस्ट्रेशन सिंगल विंडो सिस्टम के जरिये किये जाने के कारण करदाता प्रोफेशनल टैक्स का रजिस्टेªशन नहीं ले पा रहे हैं. चैम्बर ने बिहार वाणिज्य कर विभाग की तर्ज पर रजिस्ट्रेशन फॉर्म झारखण्ड कॉमर्शियल टैक्स के पोर्टल पर उपलब्ध कराए जाने चाहिएं. इस दौरान मंत्री श्री किशोर ने प्रतिनिधिमंडल से उक्त विषयों पर विस्तृत चर्चा की जिस दौरान संबंधित विभाग के पदाधिकारी भी बैठक में शामिल हुए. उन्होंने विभाग के सचिव व आयुक्तों के साथ बैठक कर इस पर जल्द निर्णय लेने का आश्वासन भी दिया.




