सरायकेला: झारखंड में मॉनसूनी बारिश ने सिस्टम की कलई खोल दी है. चार दिनों के बारिश ने कोल्हान की लाईफ लाईन कही जाने वाली सड़क टाटा- कांड्रा- सरायकेला सड़क को बेपर्द कर दिया है. इस सड़क के हालात ऐसे हो चुके हैं कि इसपर चलना दुश्वार होने लगा है. आपको बता दें कि इस सड़क पर चलने के लिए राहगीरों को तीन- तीन जगहों पर टोल चुकाना पड़ता है. इसका निर्माण जेआरडीसीएल ने किया है. जेआरडीसीएल को न तो सड़क से लेना देना है न सर्विस रोड से. उसे मतलब केवल टोल वसूलने से है. इस सड़क से हर दिन हजारों छोटी- बड़ी गाड़ियों का परिचालन होता है. यह सड़क रांची और चाईबासा होते हुए ओडिशा की ओर जाती है. लौह अयस्क ढुलाई से लेकर बड़े- बड़े उद्योग धंधों के लिए वाहनों का आवागमन इस सड़क पर होता है. (नीचे भी पढ़ें)

दिनरात वीआईपी मूवमेंट होते हैं. हर महीने दर्जनों हादसे हो रहे हैं. लोगों की जाने जा रही है मगर जेआरडीसीएल कुंभकर्णी निंद्रा में सोया है. हालात ऐसे हो चुके हैं कि जगह-जगह सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो चुके हैं. सड़क से छड़ें नजर आने लगी है. जनप्रतिनिधियों और आलाधिकारियों को इससे कोई मतलब नहीं रह गया है. उन्हें तो बस लग्जरी गाड़ियों से चलना है. स्कूली बच्चे और आम नागरिक अपनी जान जोखिम में डालकर इस सड़क पर आवागमन करते हैं. हालांकि मामले पर उपायुक्त ने संज्ञान लेते हुए कहा है कि जेआरडीसीएल को अविलंब सड़क दुरुस्त करने का निर्देश दिया गया है. अब देखना यह दिलचस्प होगा कि जेआरडीसीएल कब कुंभकर्णी निंद्रा से जगाता है और आम लोगों को राहत मिलती है.



