जमशेदपुर : जमशेदपुर के उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी के निर्देशानुसार समाहरणालय सभागार में जिला खनन टास्क फोर्स की बैठक आहूत की गई. उप विकास आयुक्त नागेन्द्र पासवान की अध्यक्षता में आहूत बैठक में पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) ऋषभ गर्ग, एडीएम लॉ एंड ऑर्डर भगीरथ प्रसाद, डीटीओ धनंजय, एसडीएम घाटशिला सुनील चंद्र, एसडीएम धालभूम चंद्रजीत सिंह, एसडीपीओ घाटशिला अजीत कुजूर, डीएमओ सतीश नायक समेत अन्य संबंधित विभागीय पदाधिकारी बैठक में उपस्थित रहे. वहीं अंचलाधिकारी तथा थाना प्रभारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए. बैठक में जिले में अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण की रोकथाम हेतु गठित टास्क फोर्स, अंचल अधिकारी, थाना प्रभारी एवं संबंधित विभागों द्वारा की गई कार्रवाई की विस्तार से समीक्षा की गई. (नीचे भी पढ़ें)
साथ ही स्वर्णरेखा एवं खरकई नदी से बालू के अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर रोक लगाने, वन क्षेत्रों में अवैध उत्खनन, परिवहन, बिना पंजीकरण संख्या वाले वाहनों की धरपकड़, अतिभारित वाहनों की जांच तथा दोषी वाहन मालिकों पर की गई कार्रवाई की समीक्षा की गई. इसके अतिरिक्त क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण परिषद द्वारा राष्ट्रीय हरित अधिकरण एवं न्यायालय के आदेश के आलोक में की गई कार्रवाई तथा पर्यावरण मुआवजा वसूली की प्रगति पर भी चर्चा हुई. बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, 30 जुलाई से 12 अगस्त तक जिला स्तरीय खनन टास्क फोर्स द्वारा की गई कार्रवाई में कुल 24 निरीक्षण किए गए, जिसमें 317.6 टन खनिज (275.6 टन बालू एवं 42 टन पत्थर) जब्त किए गए. इस अवधि में कुल 12 वाहन जब्त किए गए एवं 08 प्राथमिकी दर्ज की गईं. कार्रवाई के दौरान कुल 7 लाख 08 हजार रुपये की वसूली की गई. (नीचे भी पढ़ें)
उप विकास आयुक्त ने पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण की रोकथाम के लिए जिला प्रशासन की ओर से चलाए जा रहे सघन अभियान को निरंतर जारी रखा जाए. उन्होंने कहा कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा दोषी व्यक्तियों, संचालकों एवं वाहन मालिकों के विरुद्ध नियमों के अनुरूप कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने सभी संबंधित विभागों, खनन, पुलिस, वन, परिवहन एवं प्रदूषण नियंत्रण, को आपसी तालमेल और त्वरित सूचना आदान-प्रदान के साथ अभियान चलाने के निर्देश दिए, ताकि खनिज संपदा की सुरक्षा, राजस्व वृद्धि एवं पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके. उप विकास आयुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि जनहित और राज्यहित में खनन गतिविधियों को पूरी तरह कानून के दायरे में संचालित करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है और इसके लिए प्रशासन हर स्तर पर सख्त रुख अपनाएगा.



