रामगोपाल जेना/चाईबासा : पूर्व सांसद सह भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश उपाध्यक्ष गीता कोड़ा ने गुवा स्थित सेल लौह अयस्क खदान में कथित भ्रष्टाचार, निविदा अनियमितता एवं करोड़ों रुपये के सरकारी धन के दुरुपयोग का गंभीर आरोप लगाया है. चाईबासा में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए श्रीमती कोड़ा ने इस्पात मंत्रालय को भेजे पत्र के आधार पर कई महत्वपूर्ण तथ्य एवं आंकड़े सार्वजनिक किए. श्रीमती कोड़ा ने बताया कि गुआ लौह अयस्क खदान के लिए वर्ष 2024-25 में सेल द्वारा 06 जून, 2024 को निकाली गई निविदा के तहत खुदाई, क्रशिंग, स्क्रीनिंग, स्टॉकिंग एवं ट्रांसपोर्टिंग का संयुक्त कार्य ठेकेदार राकेश कंस्ट्रक्शन को सौंपा गया था. उन्होंने बताया कि निविदा के अनुसार प्रतिवर्ष लगभग 4,03,800 टन, 12,11,400 टन तथा 7,96,200 टन फाइंस लौह अयस्क का प्रसंस्करण एवं परिवहन किया जाना था. कुल मिलाकर लगभग 23,88,600 टन अयस्क का लक्ष्य निर्धारित किया गया था. (नीचे भी पढ़ें)
श्रीमती कोड़ा ने आरोप लगाया कि 29 सितंबर, 2024 को जारी कार्यादेश के तहत ठेकेदार द्वारा निविदा शर्तों का गंभीर उल्लंघन किया गया. निविदा के अनुसार रॉ ओर मटेरियल लौह अयस्क की क्रशिंग, स्क्रीनिंग एवं निर्धारित आकार में पृथक्करण अनिवार्य था, लेकिन वास्तविक रूप से केवल स्क्रीनिंग का कार्य किया गया और क्रशिंग नहीं की गई. इसके बावजूद पूर्ण कार्य दर्शाकर ठेकेदार द्वारा करोड़ों रुपये का भुगतान प्राप्त कर लिया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि स्क्रीनिंग के बाद लौह अयस्क को निर्धारित स्टॉक यार्ड में रखने के बजाय लगभग दो किलोमीटर दूर पहाड़ी के पीछे छिपाकर रखा गया. गीता कोड़ा ने कहा कि ऐसा कार्य वास्तविक निगरानी प्रक्रिया से बचने और अनुचित आर्थिक लाभ लेने के उद्देश्य से किया गया. (नीचे भी पढ़ें)
उन्होंने यह भी कहा कि इस पूरे मामले में सेल के कुछ पदाधिकारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है. बिना वास्तविक सत्यापन के करोड़ों रुपये का भुगतान राष्ट्रीय संपत्ति और सरकारी राजस्व की खुली लूट है. पूर्व सांसद ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय स्वतंत्र जांच कराने तथा दोषी अधिकारियों एवं ठेकेदारों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई किये जाने की मांग की. उन्होंने कहा कि भाजपा इस मुद्दे को जनता के बीच लेकर जाएगी और राष्ट्रीय संपत्ति की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष करेगी.







