जमशेदपुर : मूलवासी संघ ने जमशेदपुर के उपायुक्त के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति को एक ज्ञापन सौंप कर उनसे नीट-यूजी परीक्षा 2026 में पेपर लीक मामले एवं एनटीए की लापरवाही की निष्पक्ष जांच कराते हुए इस मामले में दोषी पाये जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई किये जाने की मांग की है. संघ के ज्ञापन में राष्ट्रपति से इस संबंध में 7 सूत्री मांग भी की है. (नीचे भी पढ़ें)
संघ ने अपने ज्ञापन में कहा है कि नीट-यूजी परीक्षा में पेपर लीक की घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. इस घटना ने छात्रों के भविष्य, शिक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता एवं समान अवसर के संवैधानिक अधिकार को गहरा आघात पहुंचाया है. उन्होंने कहा है कि केंद्र सरकार ने नीट यूजी परीक्षा 2026 को रद्द कर पुनर्परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया है. लेकिन लाखों छात्रों ने वर्षों की कड़ी मेहनत, संघर्ष और आर्थिक कठिनाइयों के बीच इस परीक्षा की तैयारी की थी. लेकिन पेपर लीक की घटना ने मेहनती एवं ईमानदार छात्रों का आत्मविश्वास तोड़ दिया है और इससे अनेक छात्र एवं उनके परिवार मानसिक तनाव में जी रहे हैं. उन्होंने कहा कि यह केवल परीक्षा की अनियमितता का मामला नहीं है, बल्कि देश के युवाओँ के सपनों की घोर उपेक्षा भी है. इसके आलोक में संघ ने नीट-यूजी पेपर लीक मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कराने के साथ ही एनटीए के कामकाज की उच्च स्तरीय समीक्षा के पश्चात दोषी पाये जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई किये जाने की भी मांग की है. (नीचे भी पढ़ें)
इसके अतिरिक्त संघ द्वारा सौंपे मांग पत्र में परीक्षा-प्रक्रिया को पूर्ण पारदर्शी एवं सुरक्षित बनाने के लिए डिजिटल सुरक्ष-तंत्र को मजबूत करने, भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कानून बनाने, छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए पुनर्परीक्षा की तारीख घोषित करने एवं सभी उम्मीदवारों के लिए समान अवसर सुनिश्चित कराने, आर्थिक एवं मानसिक रूप से प्रभावित छात्रों के लिए सहायता एवं परामर्श सेवाएं प्रदान करने एवं शिक्षा माफियों एवं भ्रष्ट तत्वों की भूमिका की गहन जांच कर उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग भी की गई है.







