जमशेदपुर: जमशेदपुर से सटे सरायकेला-खरसावां जिले के कपाली ओपी पुलिस पर एक आदिवासी युवती ने गंभीर आरोप लगाए हैं. चांडिल थाना क्षेत्र के कांदरबेड़ा पुनर्वास कॉलोनी निवासी अल्पना माहली ने आरोप लगाया है कि लापता युवती के मामले में पूछताछ के लिए कपाली ओपी बुलाए जाने के बाद पुलिसकर्मियों ने उसके साथ बंद कमरे में बर्बरता से मारपीट की. पीड़िता अल्पना माहली के अनुसार, 15 जून की शाम उसे फोन कर कपाली ओपी बुलाया गया था. वहां पहुंचने पर पुलिसकर्मियों ने उसकी सहेली तस्कीन खानम के संबंध में पूछताछ की. अल्पना का आरोप है कि पूछताछ के दौरान उसे एक कमरे में बंद कर दिया गया और उसके साथ मारपीट की गयी. उस समय ओपी प्रभारी भी मौजूद थे. (नीचे भी पढ़ें)
अल्पना ने बताया कि उसकी सहेली तस्कीन खानम पिछले कुछ दिनों से लापता है. इसी मामले में पुलिस को संदेह है कि उसे तस्कीन के बारे में जानकारी है. अल्पना के मुताबिक, वर्ष 2018 में सिंहभूम कॉलेज चांडिल में उसकी तस्कीन खानम से दोस्ती हुई थी. वर्ष 2019 में दोनों घर से चली गयी थीं, लेकिन परिजनों ने उन्हें खोजकर वापस ले आया था. इसके बाद वर्ष 2021 में भी दोनों एक बार फिर घर छोड़कर चली गयी थीं, हालांकि पांच दिनों के भीतर परिजन उन्हें वापस ले आए थे. (नीचे भी पढ़ें)
अल्पना का कहना है कि इस बार तस्कीन खानम अकेले लापता हुई है, लेकिन पुलिस को लगता है कि उसके पास तस्कीन के ठिकाने से जुड़ी जानकारी है, इसी आधार पर उसे पूछताछ के लिए बुलाया गया था. पीड़िता ने आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान उसकी तबीयत बिगड़ गयी और वह कुछ समय के लिए बेहोश हो गयी थी. उसका दावा है कि बाद में पुलिसकर्मियों ने ही उसे पानी पिलाकर होश में लाया तथा दर्द कम करने के लिए पेनकिलर दवा भी उपलब्ध कराई. घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है. हालांकि समाचार लिखे जाने तक इस मामले में कपाली पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. पुलिस का पक्ष मिलने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा. यदि युवती के आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला पुलिस कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है. वहीं, मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविकता सामने आ सकेगी.






