जमशेदपुर : जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने शुक्रवार, 19 जून को बिरसानगर पीएम आवास योजना के तहत अपने फ्लैट में प्रवेश करने वाले लाभार्थियों को शुभकामनाएं दी हैं. अंततः उनका संघर्ष कामयाब हुआ. सरयू राय ने यहां जारी बयान में कहा कि बिरसानगर पीएम आवास की योजना आरंभ से ही विवादों में रही है. इस योजना बढ़िया से बन नहीं पाई थी. अफरा-तफरी में 2018 में इसका शिलान्यास कर दिया गया. शिलान्यास के समय यह नहीं देखा गया कि जिस जमीन पर यह योजना शुरु होनी है, उस जमीन के एक छोर से दूसरे छोर तक 30 फीट ऊंचाई का अंतर है. यदि इस 30 फीट की ऊंचाई के अंतर को पाट दिया गया होता तो एक खूबसूरत आवासीय परिसर बन जाता. सरयू राय ने कहा कि योजना की शुरुआत में इस बात का भी ध्यान नहीं रखा गया कि इसके कारण 160 मकान अंशतः अथवा पूर्णतः टूटने वाले हैं. अगल-बगल में बने 160 मकानों को अंधाधुंध तोड़ा गया. (नीचे भी पढ़ें)
नागरिकों के आवासीय परिसर की कब्र पर यह पीएम आवास तैयार हुआ है. इसी का नतीजा है कि आज तक इसका ढांचा ठीक नहीं हो पाया है. उन्होंने कहा कि 2019 में जब वह जमशेदपुर पूर्वी के विधायक बने तो सबसे पहले उन्होंने उन 160 मकानों का दोबारा निर्माण करवाया, जो पीएम आवास परिसर बनाने के नाम पर तोड़ दिये गए थे. सरयू राय ने कहा कि पीएम आवास में 22 ब्लॉक बनने हैं जिनमें से सिर्फ दो ही तैयार हैं. ये फ्लैट लोगों को कम से कम 3 साल पहले मिल जाने चाहिए थे. अपना ही फ्लैट लेने के लिए इन्हें भारी कठिनाईयों का सामना करना पड़ा. सरयू राय ने कहा कि जब लाभार्थी अपने फ्लैटों में जाएंगे, तब उन्हें पता चलेगा कि इसके निर्माण में कितनी कमियां रह गई हैं. ड्रेनेज सिस्टम नहीं बना है. जल-मल निकासी की व्यवस्था नहीं हुई है. लिफ्ट फिलहाल शोपीस है. बहुतेरे काम अभी शेष हैं. उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार इस पर ध्यान देगी। हम लोग भी दबाव डालेंगे. (नीचे भी पढ़ें)
एक आधी-अधूरी मानसिकता से बनी योजना के क्रियान्वयन का वही हश्र होता है, जो पीएम आवास का हुआ है. सरकार ध्यान रखे कि इस योजना का काम पूर्ण हो, उसके बाद ही किसी अन्य योजना का शिलान्यास किया जाए. लाभार्थियों को जो भी कठिनाई होगी, उसे वह निजी स्तर पर दूर करने के लिए सदैव तत्पर रहेंगे.







