जमशेदपुर : टाटा स्टील में वेज रिवीजन समझौता का मुद्दा गर्माता जा रहा है. कर्मचारियों में विरोध तेज हो गया है. कई कमेटी मेंबरों ने इस्तीफा यूनियन में सौंप दिया है. एनएस ग्रेड के कर्मचारियों का कहना है कि उनका जब डिमांड पूरा नहीं हो रहा है तो वे लोग कमेटी मेंबर बनकर कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व क्यों करेंगे. दूसरी ओर, टाटा स्टील के वायर रॉड मिल (डब्ल्यूआरएम) में वेज रिवीजन (वेतन संशोधन) में हो रही देरी को लेकर कर्मचारियों के बीच टाटा वर्कर्स यूनियन के खिलाफ असंतोष गहराता जा रहा है. इस गंभीर मुद्दे को लेकर डब्ल्यूआरएम के यूनियन कमेटी मेंबर रणवीर सिंह ने एक बड़ा अभियान की शुरुआत की है. (नीचे भी पढ़ें)
रणवीर सिंह के नेतृत्व में एक ऑनलाइन मुहिम शुरू की गई है, जिसके तहत एक गूगल फॉर्म जारी कर कर्मचारियों का समर्थन और ई-सिग्नेचर जुटाए जा रहे हैं. वर्तमान में 36 कर्मचारी इस फॉर्म के जरिए अपनी सहमति और डिजिटल हस्ताक्षर दर्ज करा चुके हैं, और लगातार अन्य कर्मचारी भी इस अभियान के समर्थन में आगे आ रहे हैं. कर्मचारियों का कहना है कि वेज रिवीजन का मामला लंबे समय से लंबित है, जिससे कर्मचारियों में अनिश्चितता का माहौल है. इस अभियान के माध्यम से 18 महीने से लंबित वेज रिवीजन समझौता को लेकर दबाव बनाया जा रहा है. पिछले करीब 18 महीनों से लंबित वेतन संशोधन पर टाटा वर्कर्स यूनियन जल्द से जल्द पारदर्शी और ठोस फैसला ले. कर्मचारियों को एक सम्मानजनक और बेहतर मिनिमम गारंटीड बेनिफिट मिले. डीए प्रति प्वाइंट वैल्यू को सुधारा जाए और अच्छे भत्ते शामिल किए जाएं. (नीचे भी पढ़ें)
एनएस ग्रेड के कर्मचारियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए इस ग्रेड संशोधन में उनके साथ उचित न्याय हो और उनके हितों को ठीक से देखा जाए. दूसरी ओर, अभियान से जुड़े कर्मचारियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि टाटा वर्कर्स यूनियन द्वारा उनके इन जायज मुद्दों को गंभीरता से नहीं लिया गया और एनएस ग्रेड के कर्मचारियों के हितों की अनदेखी की गई, तो स्थिति गंभीर हो सकती है. कर्मचारियों ने यह पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है कि यदि कर्मचारी इस आगामी समझौते से संतुष्ट नहीं होते हैं और यूनियन उनका सही प्रतिनिधित्व करने में विफल रहती है, तो डब्ल्यूआरएम के कर्मचारी एकजुट होकर टाटा वर्कर्स यूनियन से सामूहिक इस्तीफा देंगे. कर्मचारियों का कहना है कि उनका यह विरोध सिर्फ और सिर्फ यूनियन के खिलाफ है. यह यूनियन के नेतृत्व के सामने अपने हक और सम्मान के लिए एक शांतिपूर्ण और डिजिटल अपील है, जिसे नजरअंदाज करना आने वाले समय में यूनियन के लिए भारी पड़ सकता है.







