जमशेदपुर : जमशेदपुर के समाहरणालय परिसर से उपायुक्त राजीव रंजन ने दो डिजिटल कृषि रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. मौके पर उप विकास आयुक्त नागेन्द्र पासवान समेत अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे. कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग, झारखंड सरकार की पहल पर संचालित यह जागरूकता अभियान जिले के किसानों तक कम वर्षा की स्थिति में अपनाई जाने वाली वैकल्पिक खेती, सिंचाई प्रबंधन तथा आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू किया गया है. इस अवसर पर उपायुक्त ने कहा कि कम वर्षा की संभावना को देखते हुए राज्य सरकार द्वारा तैयार कंटीजेंसी प्लान के संबंध में किसानों को जागरूक किया जाना आवश्यक है. (नीचे भी पढ़ें)
डिजिटल कृषि रथ के माध्यम से किसानों को यह जानकारी दी जाएगी कि कम वर्षा की स्थिति में धान के अलावा किन-किन वैकल्पिक फसलों की खेती कर बेहतर उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि यह अभियान किसानों को समय पर सही तकनीकी सलाह उपलब्ध कराकर उनकी कृषि को अधिक सुरक्षित एवं लाभकारी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. आत्मा, जिला कृषि विभाग की उप परियोजना निदेशक गीता कुमारी ने बताया कि इस वर्ष खरीफ मौसम में एल-नीनो के संभावित प्रभाव के कारण कम वर्षा की आशंका को देखते हुए कृषि विभाग द्वारा डिजिटल कृषि रथ के माध्यम से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. इसके तहत किसानों को वैकल्पिक फसलों की खेती, जल एवं सिंचाई प्रबंधन, उन्नत बीजों के उपयोग, आधुनिक कृषि तकनीकों, कृषि यंत्रीकरण तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी गांव-गांव पहुंचाई जाएगी.







