जमशेदपुर : जमशेदपुर के मानगो स्थित एमजीएम अस्पताल में शनिवार सुबह ड्यूटी के दौरान फूट-फूटकर रोने वाली आदिवासी महिला होमगार्ड जवान की घटना के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है. महिला ने आर्थिक तंगी और गंभीर बीमारी का हवाला देते हुए कहा था, “हमको पैसा दिलवा दीजिए, नहीं तो हम मर जाएंगे.” घटना का वीडियो सामने आने के बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया. घटना की जानकारी मिलते ही होमगार्ड के जिला समादेष्टा ने महिला जवान को अपने कार्यालय बुलाकर सांत्वना दी और तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई. साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया कि जवानों के लंबित कर्तव्य भत्ते (मानदेय) का जल्द भुगतान कराने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी.( नीचे देखें पूरी खबर)

बताया जा रहा है कि पूरे मामले की रिपोर्ट रांची स्थित मुख्यालय को भी भेज दी गई है. सूत्रों के अनुसार, वीडियो वायरल होने के बाद जिला समादेष्टा ने पूर्व होमगार्ड प्रभारी से दूरभाष पर नाराजगी जताई. इसके बाद जल्दबाजी में एक पत्र जारी कर कहा गया कि एमजीएम अस्पताल में तैनात होमगार्ड जवानों का लंबे समय से कर्तव्य भत्ता लंबित है, जिससे वे आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं इसलिए इन जवानों को एमजीएम से हटाकर ऐसे संस्थानों में भेजा जाएगा, जहां नियमित रूप से कर्तव्य भत्ते का भुगतान होता है. इच्छुक जवान कार्यालय से कमान पत्र प्राप्त कर नई जगह योगदान दे सकते हैं. इसकी सूचना एमजीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य और अस्पताल अधीक्षक को भी भेज दी गई है. हालांकि इस फैसले पर सवाल भी उठ रहे हैं. कर्मचारियों का कहना है कि चार-पांच माह का बकाया मानदेय दिए बिना जवानों को दूसरी जगह भेजने से उनकी मौजूदा आर्थिक परेशानी दूर नहीं होगी. नई जगह ड्यूटी शुरू करने के बाद भी भुगतान मिलने में कम से कम एक माह का समय लग सकता है. ऐसे में तब तक उनके परिवार का खर्च कैसे चलेगा, यह बड़ा सवाल बना हुआ है. उधर, एमजीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य और अस्पताल अधीक्षक ने भी शनिवार की घटना के बाद बैठक की. बैठक के बाद जवानों की समस्याओं के समाधान की बजाय यह निर्देश जारी किया गया कि अब उपस्थिति रजिस्टर उनके पास नहीं रहेगा. रजिस्टर प्राचार्य अधीक्षक कार्यालय में रखा जाएगा और सभी होमगार्ड जवानों को वहीं जाकर हस्ताक्षर करने होंगे. इस निर्णय से भी जवानों में असंतोष देखा जा रहा है. घटना के बाद बकाया मानदेय के भुगतान और होमगार्ड जवानों की कार्य परिस्थितियों को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं.




