नई दिल्ली : नीट पेपर लीक मामले को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर मंतर पर सीजेपी के विरोध प्रदर्शन के बीच मोदी सरकार ने शुक्रवार को बड़ा फैसला लिया है. केंद्रीय मंत्रिमंडल की हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में पेपर लीक संशोधन विधेयक को मंजूरी दी गई है. जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार यह बिल आगामी सोमवार को संसद में पेश करेगी. बताया जा रहा है कि पेपर लीक मामलों में 10 साल तक की जेल और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया जा सकता है. (नीचे भी पढ़ें)
नीट पेपर लीक को लेकर जारी प्रदर्शनों एवं हंगामे के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को अपने मंत्रिमंडल की बैठक की. जानकारी के अनुसार केंद्रीय मंत्रिमंडल ने परीक्षाओं के पेपर लीक पर रोक लगाने वाले विधेयक, सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम 2024 में संशोधन को मंजूरी दे दी है. ध्यान रहे कि जंतर मंतर पर सीजेपी के विरोध प्रदर्शन के बीच प्रधानमंत्री ने गुरुवार देर रात छात्रों के लिए विडियो जारी कर कहा था कि सरकार पेपर लीक के खिलाफ कड़ी सजा का प्रावधान करने वाला कानून बनाएगी. प्रधानमंत्री ने इस संबंध में देर रात को सोशल मीडिया एक्स पर करीब तीन मिनट का एक विडियो मैसेज पोस्ट किया था. (नीचे भी पढ़ें)
पीएम मोदी ने अपने विडियो मैसेज में कहा था, ‘पेपर लीक कोई मामूली विषय नहीं है. लाखों छात्रों, उनके माताृपिता के लिए पीड़ादायक है. गुनहगारों को पकड़ा है, वे जेल में हैं. हमारी जिम्मेदारी थी कि छात्रों का साल बर्बाद न हो, इसलिए कम समय में 22 लाख छात्रों का एग्जाम कराया. 19 जुलाई को उसका रिजल्ट भी आ गया.’ पीएम मोदी के विडियो संदेश को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बेकार बताते हुए एक्स पर पोस्ट में कहा था, ‘मिस्टर मोदी, हमारे छात्र धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. आधी रात को इस बेकार विडियो से उनकी समझदारी का अपमान न करें. प्रधान को हटाएं, छात्रों को पीटने वालों को सजा दें और माफी मांगें.’ वहीं जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही सीजेपी ने कहा है कि परीक्षा में गड़बड़ी के खिलाफ सरकार जो सबसे सख्त कार्रवाई कर सकती है, वह केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाना है.




