जमशेदपुर : टाटा स्टील के कर्मचारियों का बोनस को लेकर वार्ता अगले सप्ताह से शुरू हो जायेगा. मैनेजमेंट को टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु की ओर से हस्ताक्षर कर प्रस्ताव भेज दिया गया है. कंपनी की आमसभा (एजीएम) के बाद अमूमन प्रस्ताव भेजा जाता है. इस बार टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु की ओर से यह प्रस्ताव बनाकर अधिकारिक तौर पर मैनेमजेंट को भेज दिया गया है. इसमें कहा गया है कि चूंकि, हर साल बोनस होता है. इस कारण इस साल भी बेहतर बोनस दिया जाये ताकि कर्मचारियों का मनोबल ऊंचा हो सके. गौरतलब है कि अभी हाल ही में टाटा स्टील के कर्मचारियों का वेज रिवीजन समझौता हुआ है. वेज रिवीजन समझौता के बाद कर्मचारियों का वेतन में बढ़ोत्तरी हुई है. अभी कंपनी के कर्मचारियों का अगर बोनस इस साल होगा तो नये वेतनमान के आधार पर ही बोनस मिलेगा. (नीचे भी पढ़ें)
बोनस को प्रोफिट शेयरिंग बोनस कहा जाता है. यानी कंपनी जितना कमाती है, उसका सालाना हिस्सा कर्मचारियों के बीच बांटती है. इस बार कंपनी को करीब 10886 करोड़ रुपये का विशुद्ध मुनाफा हुआ है. करीब 10 हजार 500 कर्मचारियों के बीच इस बार राशि बांटी जानी है. वित्तीय वर्ष 2024-2025 में 9255.05 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था, जिस पर बोनस के मद में 303.13 करोड़ रुपये की राशि मिली थी. शुद्ध लाभ पर 1.5 फीसदी, उत्पादकता पर, बिक्री योग्य स्टील के मुनाफे, सेफ्टी एलटीआइएफआर और प्रबंधन का अतिरिक्त योगदान के आधार पर बोनस मिलता है. (नीचे भी पढ़ें)
पिछले बार कर्मचारियों के बोनस मद में 30 करोड़ रुपये अतिरिक्त मैनेजमेंट ने दिये थे, जिसके बाद 303.13 करोड़ रुपये बोनस बांटा गया था. यह उम्मीद है कि मुनाफा बढ़ा है तो बोनस की राशि भी बढ़ेगी, जो करीब 350 करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है. हालांकि, इतनी राशि तक पहुंचाना बड़ी चुनौती होगी, जिसको लेकर यूनियन को एकजुट होकर लड़ना होगा, तर्क देना होगा, बोनस को लेकर वार्ता लगातार करना होगा, जिसके बाद यह राशि बेहतर हो सकेगी.




