जमशेदपुर: जमशेदपुर के भुइयांडीह स्थित इंद्रानगर और कल्याणनगर बस्ती के लोगों ने अपने मकानों पर संभावित बुलडोजर कार्रवाई को लेकर चिंता जताई है. स्थानीय निवासियों का कहना है कि वर्ष 2023 में 86 बस्तियों में चलाए गए सर्वे के दौरान उनके क्षेत्र के 145 मकानों को चिन्हित कर नोटिस दिया गया था. नोटिस में कथित तौर पर कहा गया था कि संबंधित लोग सरकारी भूमि पर अवैध रूप से रह रहे हैं. स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह पूरी कार्रवाई राजनीतिक षड्यंत्र के तहत की जा रही है. उनका दावा है कि 6 अगस्त को दंडाधिकारी की नियुक्ति कर चिन्हित मकानों को तोड़ने की तैयारी की गई है. हालांकि, इस संबंध में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि या विस्तृत बयान सामने नहीं आया है. (नीचे भी पढ़ें)

संभावित कार्रवाई के विरोध में बुधवार को बड़ी संख्या में इंद्रानगर और कल्याणनगर के लोग एग्रिको स्थित विधायक पूर्णिमा साहू के कार्यालय पहुंचे. लोगों ने मुलाकात कर कार्रवाई पर रोक लगाने, मामले की पुनः समीक्षा करने और वर्षों से रह रहे परिवारों को राहत देने की मांग की. गौरतलब है कि सुवर्णरेखा नदी किनारे वर्षों से बसे अतिक्रमण पर अब प्रशासनिक कार्रवाई की तारीख तय हो गयी है. राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के 2024 के आदेश के अनुपालन में जिला प्रशासन ने मानगो और सीतारामडेरा के भुइयांडीह में कुल 161 अतिक्रमण हटाने की तैयारी की है. एनजीटी ने वर्ष 2024 में सुवर्णरेखा नदी किनारे से अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया था. इसके बाद प्रशासन की कार्रवाई की तैयारी की थी, लेकिन विभिन्न राजनीतिक दलों के विरोध के कारण अभियान शुरू नहीं हो सका. मामला अभी एनजीटी में विचाराधीन है. एनजीटी से नोटिस मिलने के बाद चार-पांच दिन पहले जिला प्रशासन ने शपथ पत्र दाखिल कर कार्रवाई की निश्चित तारीख बात दी है. प्रशानिक अधिकारियों के अनुसार अब कार्रवाई टालना आसान नहीं होगा.




